भारत को होर्मुज स्ट्रेट में ईरान का 'ग्रीन सिग्नल', इंडिया आए ईरानी मंत्री बोले- ...ऐसा नहीं कर रहे
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और घरेलू स्तर पर तेल संकट की स्थिति के बीच ईरान ने भारत को बड़ी राहत दी है। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि उनके देश ने होर्मुज स्ट्रेट से कई भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति प्रदान की है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और घरेलू स्तर पर तेल संकट की स्थिति के बीच ईरान ने भारत को बड़ी राहत दी है। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि उनके देश ने होर्मुज स्ट्रेट से कई भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति प्रदान की है। गरीबाबादी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बताया कि अब तक 11 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं। कुछ अन्य भारतीय जहाजों को भी गुजरने की अनुमति देने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान यह सुविधा केवल भारत को ही दे रहा है। गरीबाबादी ने जोर देते हुए कहा कि हम अन्य किसी देश के मामले में ऐसा नहीं कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने अपने पड़ोसी देशों पर हमले की किसी भी आरोप से इनकार किया। उप विदेश मंत्री ने कहा कि पड़ोसी देशों में से केवल एक देश ही ईरान पर दबाव डाल रहा है कि वह अपने पड़ोसियों पर हमलों की निंदा करे। उन्होंने कहा कि हमने पड़ोसी देशों पर हमला नहीं किया। उन्होंने ही अमेरिका को क्षेत्र सौंप दिया है। वहीं से ईरान पर हजारों हमले किए गए। हमने संयुक्त राष्ट्र के लिए 500 पन्नों का दस्तावेज तैयार किया है, जिसमें हर हमले का विवरण है। हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते।
काजेम गरीबाबादी ने भारत की क्षेत्रीय भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा पश्चिम एशिया में शांति का समर्थन करता रहा है और नई दिल्ली द्वारा की गई किसी भी पहल का ईरान स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि हम किसी भी पहल का स्वागत करते हैं। पहले मिस्र, कतर और ओमान ने मध्यस्थता की थी। पाकिस्तान ने पहल की, हमने स्वागत किया। मध्यस्थ केवल सुविधा प्रदान करते हैं। भारत शांति का पक्षधर है। भारत जो भी भूमिका निभाएगा, हम उसका स्वागत करेंगे।
इससे पहले भारत द्वारा 14-15 मई 2026 को आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक से ठीक पहले ईरान ने ब्रिक्स के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता जताई है। काजेम गरीबाबादी ने कहा कि हम ब्रिक्स घोषणा-पत्र के पक्ष में हैं। हम चाहते हैं कि भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन सफल हो। हम यह संदेश नहीं देना चाहते कि ब्रिक्स विभाजित है।
बता दें कि भारत 14 और 15 मई 2026 को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी कर रहा है। बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे। ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के विदेश मंत्री तथा प्रतिनिधिमंडल इसमें शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। पहले दिन सदस्य देश आपसी हितों से जुड़े वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दूसरे दिन 'ब्रिक्स@20: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' विषय पर विशेष सत्र आयोजित होगा।
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लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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