Hindi NewsIndia NewsBig News India frees up visas for Chinese professionals amid trump tariffs
भारत का बड़ा फैसला, चीनी पेशेवरों के लिए वीजा नियमों में दी ढील; किस देश को होगा फायदा?

भारत का बड़ा फैसला, चीनी पेशेवरों के लिए वीजा नियमों में दी ढील; किस देश को होगा फायदा?

संक्षेप:

भारत ने चीनी तकनीशियनों के लिए वीजा प्रक्रिया को सरल बनाया है, जिससे उद्योग को अरबों का नुकसान कम करने में मदद मिलेगी। यह कदम भारत-चीन संबंधों में सुधार का संकेत है और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए एक नया अवसर प्रदान करता है।

Dec 13, 2025 08:11 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

भारत ने चीनी तकनीशियनों और पेशेवरों के लिए बिजनेस वीजा में लगने वाली लालफीताशाही को काफी हद तक खत्म कर दिया है। दो सरकारी अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह भारत-चीन संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 2020 के बाद से चल रही वीजा संबंधी देरी के कारण भारतीय उद्योग को अरबों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा था।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

अधिकारियों के अनुसार, अब एक अतिरिक्त प्रशासनिक जांच की परत हटा दी गई है और बिजनेस वीजा की मंजूरी चार हफ्ते से भी कम समय में हो रही है। 2020 में लद्दाख सीमा विवाद के बाद भारत ने लगभग सभी चीनी नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी और बिजनेस वीजा की जांच गृह मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय के अलावा अन्य एजेंसियों तक विस्तारित कर दी थी।

नाम न छापने की शर्त पर रॉयटर्स ने एक अधिकारी के हवाले से लिखा- वीजा से जुड़ी सभी समस्याएं पूरी तरह हल कर दी गई हैं। हमने अतिरिक्त प्रशासनिक जांच को हटा दिया है और अब बिजनेस वीजा चार सप्ताह के अंदर जारी किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा नीति आयोग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

भारत की इस पहल पर चीन के विदेश मंत्रालय ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि बीजिंग ने भारत की ओर से लोगों के आपसी आदान-प्रदान को सुगम बनाने के लिए सकारात्मक कदम को नोटिस किया है। उन्होंने कहा- चीन, भारत के साथ संवाद और परामर्श बनाए रखने के लिए तैयार है ताकि आपसी संपर्क को और आसान बनाया जा सके।

थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फोरम (ORF) के अनुमान के अनुसार, सख्त वीजा नियमों की वजह से पिछले चार साल में भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को करीब 15 अरब डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) का उत्पादन नुकसान हुआ। शाओमी जैसी बड़ी चीनी कंपनियों को तकनीशियनों की कमी का सामना करना पड़ा था। सौर ऊर्जा क्षेत्र भी कुशल चीनी श्रमिकों की कमी से प्रभावित रहा।

इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात साल बाद पहली चीन यात्रा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद दोनों देशों ने 2020 के बाद पहली बार सीधी उड़ानें भी बहाल कर दी हैं। वीजा नियमों में यह ढील पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों पर आधारित है। यह समिति चीन से निवेश संबंधी कुछ अन्य प्रतिबंधों को भी हटाने पर विचार कर रही है, क्योंकि मौजूदा प्रतिबंध विदेशी निवेशकों का मनोबल गिरा रहे थे।

इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू ने कहा- सीमा-क्षेत्र से लगे देशों के कुशल पेशेवरों के लिए वीजा प्रक्रिया तेज करने का सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। यह सहयोगात्मक रुख को दर्शाता है और उद्योग की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करता है। यह बदलाव ऐसे समय आया है जब भारत मोबाइल फोन, कंपोनेंट्स और सब-असेंबली सहित कई क्षेत्रों में उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ लगाने के बाद भारत ने अपनी कूटनीतिक गणना में बदलाव किया है। इस पृष्ठभूमि में चीन के साथ संबंधों को फिर से मजबूत करना और रूस के साथ रिश्ते गहरे करना भारत की नई रणनीति का हिस्सा है, साथ ही अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत भी जारी है।

दूसरे सरकारी अधिकारी ने कहा- हम चीन संबंधी कुछ प्रतिबंधों को सावधानी से हटा रहे हैं, ताकि समग्र कारोबारी माहौल बेहतर हो और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिले। हाल ही में भारत ने उपभोक्ता करों में कटौती और श्रम कानूनों में ढील देकर भी विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश की है।

badge1

भारत ने चीनी पेशेवरों के लिए वीजा प्रक्रिया को सरल बनाया है, जिससे व्यापार में तेजी आएगी।

badge2

इस निर्णय का भारत-चीन संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

badge3

भारतीय उद्योग को पिछले चार वर्षों में वीजा नियमों के कारण हुए नुकसान की भरपाई का अवसर मिलेगा।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar
अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।