तमिलनाडु में भाजपा को तिहरा झटका, अन्नामलाई के बाद उपाध्यक्ष और सचिव ने भी छोड़ी पार्टी
अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली के कारण लोकप्रियता हासिल करने वाले और द्रविड़ दलों को सीधे चुनौती देने वाले भाजपा की तमिलनाडु के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया।

केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में आज (शुक्रवार, 5 जून को) डबल झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई के इस्तीफे की घोषणा के घंटे भर बाद ही बीजेपी के राज्य उपाध्यक्ष करुणा नागराजन और पार्टी की राज्य सचिव सुमति वेंकटेश ने भी अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों नेताओं ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। नागराजन और वेंकटेश ने शुक्रवार को BJP से अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। BJP के पूर्व तमिलनाडु उपाध्यक्ष कारू नागराजन ने अब अन्नामलाई की नई राजनीतिक पार्टी में शामिल होने का इरादा जताया है। हालांकि सुमति ने अभी अपने अगले कदम का ऐलान नहीं किया है।
इन तीन इस्तीफों के बाद राज्य में पैर जमाने की कोशिश कर रही भगवा पार्टी को करारा झटका लगा है। बता दें कि इससे पहले अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली के कारण लोकप्रियता हासिल करने वाले और द्रविड़ दलों को सीधे चुनौती देने वाले के. अन्नामलाई ने भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। अन्नामलाई ने कहा कि उनके लक्ष्य बड़े हैं और नये समावेशी एजेंडे के तहत अधिक लोगों को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने घोषणा की कि वह नया राजनीतिक दल बनाएंगे और तमिलनाडु में अगला चुनाव लड़ेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान
अन्नामलाई ने सोशल मीडिया के जरिए कहा, ''मेरे मन में प्रधानमंत्री मोदी के लिए बहुत सम्मान है।''उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने गरिमापूर्ण तरीके से भाजपा छोड़ी है। उन्होंने नयी तरह की राजनीति की शुरुआत करने की प्रतिबद्धता भी जताई। अन्नामलाई ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद कहा, ''आज से एक नया रास्ता, एक नया आंदोलन, एक नयी मुहिम शुरू होगी।'' ऐसा बताया जा रहा है कि अन्नामलाई ने दिल्ली की अपनी हालिया यात्रा के दौरान अपना इस्तीफा सौंपा था।
इस्तीफा स्वीकार
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ''भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई द्वारा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया गया इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।'' अन्नामलाई के समर्थकों ने पटाखे जलाकर और मिठाइयां बांटकर उनके फैसले का स्वागत किया। वहीं, भाजपा ने कहा कि अन्नामलाई के जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। अन्नामलाई ने कहा कि जिस नये आंदोलन की शुरुआत करने का उन्होंने प्रस्ताव रखा है, उसमें बुनियादी स्तर से ही नये आयाम और नया नजरिया होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''हमें नयी पार्टी के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं को तैयार करना होगा। इसमें समय लगेगा।'' अन्नामलाई ने भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने तमिलनाडु की पहचान, संस्कृति और जल अधिकारों सहित किसी भी अधिकार से कभी समझौता नहीं किया। भाजपा के राज्य में पूर्व शीर्ष नेता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी अचानक नहीं छोड़ी और करीब 18 महीने तक पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों पर शांतिपूर्वक चर्चा की। (भाषा इनपुट्स के साथ)
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लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


