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अल फलाह यूनिवर्सिटी पर और कसा ​शिकंजा, जमीन की पैमाइश शुरू, भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ी का शक

अल फलाह यूनिवर्सिटी पर और कसा ​शिकंजा, जमीन की पैमाइश शुरू, भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ी का शक

संक्षेप: दिल्ली में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद फरीदाबाद के धौज गांव में ​स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी पर सरकार और एजें​सियों ने ​शिकंजा कस दिया है। आतंकी गतिविधियों का केंद्र बनी अल फलाह यूनिवर्सिटी की जमीन की जिला नगर योजनाकार इन्फोर्समेंट की टीम ने पैमाइश शुरू कर दी।

Sat, 15 Nov 2025 02:51 PMDeepak लाइव हिन्दुस्तान, चंडीगढ़
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दिल्ली में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद फरीदाबाद के धौज गांव में ​स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी पर सरकार और एजें​सियों ने ​शिकंजा कस दिया है। आतंकी गतिविधियों का केंद्र बनी अल फलाह यूनिवर्सिटी की जमीन की जिला नगर योजनाकार इन्फोर्समेंट की टीम ने पैमाइश शुरू कर दी। करीब एक घंटे तक टीम ने पैमाइश के साथ प्रबंधन से रिकॉर्ड भी तलब किया। बताया जा रहा है कि पैमाइश करने का आदेश हरियाणा सरकार ने जारी किया है। टीम की ओर से यूनिवर्सिटी प्रबंधन से भी सारा रिकॉर्ड मांगा गया है। अब टीम पूरी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भेजेगी। इस पैमाइश का मकसद ये पता लगाना है कि 70 एकड़ के विशाल इलाके में फैली इस यूनिवर्सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण में कोई धांधली तो नहीं हुई?

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साल 2014 में कांग्रेस राज में मिली थी मान्यता
अल फलाह यूनिवर्सिटी की शुरुआत 1997 में एक इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में हुई थी। 2013 में अल-फलाह इंजीनियरिंग कालेज को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) से ‘ए’ कैटेगरी की मान्यता प्राप्त हुई। अल-फलाह मेडिकल कॉलेज भी इसी यूनिवर्सिटी से संबद्ध है। हरियाणा सरकार ने 2 मई 2014 को हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल (2006) में संशोधन कर इसे प्राइवेट यूनिवर्सिटी के रूप में मान्यता प्रदान दी थी। उस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे। हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटी संशोधित बिल (2014) के माध्यम से तब राज्य में 17 निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई थी।

जल्द बैठक करेगी हरियाणा सरकार
यूनिवर्सिटी परिसर से मिली लिस्ट में जम्मू कश्मीर के लोगों की संख्या काफी अधिक है। इनमें डॉक्टर, प्रोफेसर, छात्र व अन्य पदों पर काम करने वाले लोग शामिल हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ भी ये लिस्ट जांच एजेंसी ने साझा की है। जांच एजेंसी मौजूदा डॉक्टरों व स्टॉफ के अलावा पुराने लोगों को भी चेक कर रही है। जांच एजेंसी मौजूदा डॉक्टरों व स्टॉफ के अलावा पुराने लोगों को भी चेक कर रही है। यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टर्स को जांच एजेंसी ने दिल्ली बम ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार किया है। नेशनल मेडिकल कमीशन ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। नेशनल मेडिकल कमीशन ने कहा है कि किसी भी तरह के एक्शन लेने से पहले वह केवल वास्तविक सबूतों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, जानकारी सामने आई है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी की मान्यता से जुड़े मामले में जल्द ही हरियाणा सरकार भी एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाली है।
(रिपोर्ट: मोनी देवी)

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लेखक के बारे में

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दीपक मिश्र मीडिया इंडस्ट्री में करीब 18 साल का अनुभव रखते हैं। खेल, सिनेमा और राजनीति पर प्रमुखता से काम किया है। खासतौर पर खेल की खबरों से जुनून की हद तक मोहब्बत है। 2011 में वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2014 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप प्रमुखता से कवर कर चुके हैं। फोटोग्राफी और वीडियो स्टोरी के साथ-साथ पॉडकास्ट में विशेष रुचि रखते हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद आज अखबार के साथ पत्रकारिता की शुरुआत। इसके बाद दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट और पत्रिका अखबार में काम किया। लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। यहां पर टी-20 वर्ल्ड कप 2024, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और आईपीएल भी कवर कर चुके हैं। इसके अलावा महाकुंभ 2025 में वीडियो स्टोरीज पर काम किया है। और पढ़ें
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