बिना शर्त माफी मांगिए, भगवंत मान की पत्नी ने पूर्व जज को भेज दिया कानूनी नोटिस; पूरा मामला
भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने पूर्व जज को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा है कि जज बिना शर्त माफी मांगें। गुरप्रीत कौर ने उनपर झूठे दावे करके छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्री कौर ने एक पूर्व जज और डीडी न्यूज की ऐंकर को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने ऐंकर से कहा है कि वह अपने प्लैटफॉर्म से अपने खिलाफ झूठे दावों को हटा लें। इसके साथ पूर्व जज से बिना शर्त माफी मांगने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द माफी नहीं मांगी गई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। AAP विधायक अमनदीप कौर ने बताया कि गुरप्रीत कौर ने हरियाणा और पंजाब हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रंजीत सिंह (रिटायर्ड) और दूरदर्शन की एक ऐंकर को नोटिस भेजा है।
दरअसल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को एक शिकायत मिली थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी ने एक रेप केस को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की. एनएचआरसी ने पंजाब सरकार से इस मामले में जांच करवाने को कहा था। अधिकारियों से कहा गया कि इस मामले को लेकर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट सौपें। यह शिकायत लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी की ओर से दर्ज करवाई गई थी।
पूर्व जज को क्यों भेजा नोटिस
शिकायत में पूर्व जज का नाम लिखा गया था। इसमें कहा गया कि रिटायर्ड जज ने ही पांच करोड़ रुपये मांगे जाने की बात कही थी। शिकायत में कहा गया था कि प्रभाव और पद का दुरुपयोग किसी के खिलाफ इस तरह से नहीं किया जाना चाहए। इस शिकायत के बाद पंजाब में आम आदमी पार्टी विपक्षियों के निशाने पर आ गई। पंजाब में अगले साल विधानसबा का चुनाव भी होना है। पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि इसपर मुख्यमंत्री को सामने आकर सफाई देनी चाहिए।
रिटायर्ड जज ने कहा कि नोटिस का जवाब देने की जगह वह इस ममले को कोर्ट ले जाएंगे और वहां सारे तथ्य रखेगे। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े लोगों को वह एक्सपोज कर देंगे। जस्टिस रंजीत सिंह ने कहा कि जिसके साथ भी अन्याय हुआ है उसे न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. गुरप्रीत कौर के खिलाफ उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में कोई शिकायत नहीं की है।
रिटायर्ड जज के वकील आरएस बैंस ने कहा कि उन्होंने जो भी दावे किए थे वे सबूतों और कागजों के आधार पर किए गए थे। ऐसे में वह किसी कोर्ट केस से डरते नहीं हैं बल्कि कोर्ट में जाकर सच्चाई को सामने लाएंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला महिला के सम्मान से जुड़ु हआ है और इसे यूं नहीं जाने दिया जाएगा।


