दहेज की बलि चढ़ी मैमुन्निसा, कमाए पैसे भी छीन लेता था पति! बेंगलुरु में हुई रूह कंपा देने वाली वारदात
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मैमुन्निसा और 28 साल के जुनैद के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों ने अपने-अपने परिवारों को इस रिश्ते के लिए राजी किया और 19 जनवरी 2024 को दोनों का निकाह हुआ था।

बेंगलुरु के कलासिपाल्या इलाके से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 31 साल की महिला शिक्षिका ने शादी के बाद महीनों तक सहने पड़े शारीरिक और मानसिक दहेज उत्पीड़न से तंग आकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पीड़िता के पिता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतका के पति और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतका की पहचान मैमुन्निसा के रूप में हुई है, जो एक प्राइवेट स्कूल में पार्ट-टाइम टीचर के तौर पर काम करती थीं।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मैमुन्निसा और 28 साल के जुनैद के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों ने अपने-अपने परिवारों को इस रिश्ते के लिए राजी किया और 19 जनवरी 2024 को दोनों का निकाह हुआ था।
निकाह के वक्त मैमुन्निसा के परिवार ने अपनी हैसियत के मुताबिक जुनैद को 45 ग्राम सोने के जेवर, एक ब्रांडेड घड़ी और एक स्कूटर दहेज के रूप में दिया था। जुनैद बेंगलुरु के डोड्डामावल्ली इलाके का रहने वाला है और एक फैक्ट्री में डिजाइनर के तौर पर काम करता है।
"कमाने लगी तो छीन लेता था पैसे"
मृतका के पिता सैयद खालिद ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में तो जुनैद ने उनकी बेटी को ठीक से रखा, लेकिन कुछ समय बाद ही उसका रंग बदलने लगा।
पिता का आरोप है कि जुनैद न सिर्फ मैमुन्निसा को दहेज के लिए मारता-पीटता था, बल्कि स्कूल से मिलने वाली उसकी सैलरी (कमाई) भी जबरन छीन लेता था।
शिकायत के मुताबिक, जुनैद के पिता नजीर अहमद भी इस जुल्म में बराबर के शरीक थे। वह मैमुन्निसा को गंदी-गंदी गालियां देते थे और मायके से और ज्यादा कैश व दहेज लाने के लिए लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
मैमुन्निसा ने अपने ससुराल में हो रहे इस जुल्म और प्रताड़ना के बारे में कई बार अपने मायके वालों को रोते हुए बताया था।
रात 2:30 बजे आया फोन, मॉर्च्युरी में मिली बेटी की लाश
सैयद खालिद ने बताया कि 17 जुलाई की तड़के करीब 2:30 बजे दामाद जुनैद ने उन्हें फोन किया और बिना कुछ साफ बताए तुरंत विक्टोरिया अस्पताल पहुंचने को कहा।
जब बदहवास पिता अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें सीधे मुर्दाघर ले जाया गया, जहां उनकी बेटी की लाश पड़ी थी। जुनैद ने उन्हें बताया कि मैमुन्निसा ने घर पर फंदे से लटककर अपनी जान दे दी है।
पुलिस की कार्रवाई: दोनों आरोपी पहुंचे जेल
बेटी को खोने के गम में डूबे पिता सैयद खालिद ने इस खुदकुशी के लिए सीधे तौर पर दामाद जुनैद और समधी नजीर अहमद को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों के रोज-रोज के टॉर्चर से तंग आकर ही उनकी बेटी को यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।
पिता की तहरीर पर कलासिपाल्या पुलिस स्टेशन ने दोनों आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या और प्रताड़ना की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति जुनैद और ससुर नजीर अहमद को गिरफ्तार कर लिया है, जहां से कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।


