
इंसानी मांस खाने के लिए श्मशान में रहने वाले आदमी को मार डाला! बंगाल में खौफनाक वारदात
स्थानीय लोगों को तालाब किनारे एक व्यक्ति की सिर कटी लाश दिखाई दी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को फोन मिलाया। पुलिस की जांच में हुए खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी मच गई है।
पश्चिम बंगाल के दिनहाटा से हाल ही में एक खौफनाक मामला सामने आया है। यहां के एक गांव में कथित तौर पर इंसानी मांस खाने के लिए एक शख्स ने दूसरे की जान ले ली। पुलिस की जांच में हत्या की यह वजह सामने आते ही इलाके में दहशत फैल गई है। यह बंगाल में हाल के दिनों में इस तरह का पहला मामला हो सकता है।
इंडिया टुडे की एक यह घटना बीते शनिवार को दिनहाटा के थोराइखाना गांव में हुई। शनिवार को गांव के पास एक मेला लगा हुआ था और ज्यादातर लोग इसी में व्यस्त थे। दोपहर के बाद कुछ लोगों ने तालाब के किनारे बिना सिर की लाश दिखाई दी, जिससे हड़कंप मच गया।
सूचना मिलने पर स्थानीय अधिकारियों के साथ SDPO धीमान मित्रा मौके पर पहुंचे। पुलिस को पता चला कि मृतक युवक करीब एक साल से श्मशान में ही रहता था। पुलिस ने बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद जो खुलासा हुआ, उससे पुलिस भी दंग रह गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि पीड़ित के गर्दन के पिछले हिस्से पर गहरे कट के निशान थे। इलाके में CCTV कैमरा ना होने की वजह से पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू की। स्थानीय मुखबिर नेटवर्क को सक्रिय किए जाने के बाद एक गांव वाले ने बताया कि उसने फरदौस आलम को तालाब पर शव धोते हुए देखा था। इसके बाद संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया।

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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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