
राजभवन से बम, बंदूक की सप्लाई... आरोपों पर भड़के बंगाल गवर्नर, अब मुकदमे की तैयारी
संक्षेप: गवर्नर की ओर से लोकसभा स्पीकर को भी लेटर लिखा जा सकता है, जिसमें मांग की जाएगी कि ऐसे बयान के लिए कल्याण बनर्जी पर ऐक्शन लिया जाए। राज्यपाल का कहना है कि राजभवन के दरवाजे खुले हैं। यदि कल्याण बनर्जी, सिविल सोसायटी के मेंबर और अन्य लोग आना चाहें तो आकर जांच कर सकते हैं।
बिहार के बाद बंगाल में फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से चल रहे विशेष गहन पुनर्निरीक्षण पर बवाल मचा है। टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए मशहूर रहे हैं और अब ऐसे ही बोल पर उनका विवाद बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस से छिड़ गया है। गवर्नर ने SIR का समर्थन करते हुए कहा था कि यदि लोगों के बीच इसे लेकर कोई कन्फ्यूजन है तो हमें उन्हें बताना चाहिए कि कैसे यह प्रक्रिया देश में चुनावी सिस्टम को साफ करेगी। इससे चुनाव फ्री एंड फेयर माहौल में हो सकेंगे। बिहार ने इसे साबित किया है और मुझे पूरी विश्वास है कि बंगाल के लोग भी इसे स्वीकार करेंगे।

इसी पर रिएक्शन देते हुए टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी ने राजभवन पर आरोप लगा दिया था। उनका कहना था कि भाजपा के अपराधियों को राजभवन में शरण दी जाती है। उन्होंने कहा था, 'पहले तो मैं कहूंगा कि राज्यपाल भाजपा के अपराधियों को राजभवन में शरण ना दें। गवर्नर बोस उन्हें राजभवन में रखते हैं। उन्हें बंदूक और बम देते हैं। उन्हें कहा जाता है कि टीएमसी के लोगों पर हमले करें। सबसे पहले इसी चीज को रोकना होगा।' इसके अलावा उन्होंने राज्यपाल को अयोग्य और भाजपा नौकर बताया। बनर्जी ने कहा कि उनके रहते हुए बंगाल में विकास नहीं हो सकता।
इसी पर गवर्नर बोस भड़के हुए हैं और उनका कहना है कि वह टीएमसी सांसद के खिलाफ कानूनी विकल्प पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने विलियम शेक्सपियर की एक लाइन का जिक्र करते हुए सांसद के बारे में कहा कि मूर्ख ने एक कहानी सुनाई है, जिसमें खूब हंगामा और तमाशा है, लेकिन कोई असर नहीं है। राजभवन के एक अधिकारी ने बताया कि वह सांसद के खिलाफ कानूनी विकल्प पर राय ले रहे हैं। राज्यपाल का कहना है कि सांसद ने गलत बात कही है, जिसे कभी साबित नहीं किया जा सकता। ऐसे में कानूनी विकल्प पर क्यों ना विचार किया जाए।
लोकसभा स्पीकर को लेटर लिखने की भी तैयारी
इस मामले में गवर्नर की ओर से लोकसभा स्पीकर को भी लेटर लिखा जा सकता है, जिसमें मांग की जाएगी कि ऐसे बयान के लिए कल्याण बनर्जी पर ऐक्शन लिया जाए। राज्यपाल का कहना है कि राजभवन के दरवाजे खुले हैं। यदि कल्याण बनर्जी, सिविल सोसायटी के मेंबर और अन्य लोग आना चाहें तो आकर जांच कर सकते हैं।





