'पोस्ट डिलीट कर माफी मांग लो, MP-MLA भी नहीं बचेंगे', शुभेंदु अधिकारी ने किसे दी चेतावनी

लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों पर बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी ने कड़ा ऐक्शन लिया है। जानें पुलिस को क्या आदेश मिले और क्यों हर क्षेत्र में खुलेंगे 'सेवा केंद्र'।

'पोस्ट डिलीट करें और माफी मांगें': नेताजी पर विवादित टिप्पणी करने वालों पर बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा एक्शन
'पोस्ट डिलीट करें और माफी मांगें': नेताजी पर विवादित टिप्पणी करने वालों पर बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा एक्शन

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ सोशल मीडिया पर की जा रही अपमानजनक टिप्पणियों पर सख्त रुख अपनाया है। सीएम ने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि नेताजी का अपमान करने वाले लोग तुरंत अपनी पोस्ट डिलीट करें और माफी मांगें।

पुलिस को दिए गिरफ्तारी के आदेश

पत्रकारों से बातचीत करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "जो लोग सोशल मीडिया पर नेताजी के खिलाफ अपमानजनक बातें लिख रहे हैं, उन्हें तुरंत अपनी पोस्ट हटानी चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।" मुख्यमंत्री ने इस मामले में पुलिस को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि नेताजी पर भद्दी टिप्पणी करने वालों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि "कानून सभी के लिए समान है, चाहे वह विधायक हो, सांसद हो या फिर कोई सरकारी अधिकारी।"

हर क्षेत्र में खुलेंगे 'नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेवा केंद्र'

मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जन सेवा केंद्र स्थापित करने का भी निर्देश दिया है। इन सेवा केंद्रों को लेकर सीएम ने कुछ अहम नियम भी तय किए हैं।

इन जन सेवा केंद्रों का नाम 'नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेवा केंद्र' रखा जाएगा। राज्य सरकार इन केंद्रों के संचालन के लिए (कुछ शर्तों के साथ) हर महीने 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता देगी।

हर केंद्र पर पारंपरिक धोती-कुर्ते में नेताजी की तस्वीर लगाना अनिवार्य होगा। यह चित्र राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा विधायकों को उपलब्ध कराया जाएगा।

सीएम ने बताया कि पहले विधायक सरकारी कार्यालयों से काम करते थे, लेकिन अब हर विधायक के पास अपना कार्यालय है। इन सेवा केंद्रों के जरिए क्षेत्र के सभी लोगों को सेवाएं दी जाएंगी, चाहे उन्होंने संबंधित विधायक को वोट दिया हो या नहीं।

बीजेपी सांसद के विवादित बयान के बाद आया एक्शन

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का यह सख्त निर्देश ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में बीजेपी सांसद नागेंद्रनाथ रॉय (जिन्हें अनंत महाराज के नाम से भी जाना जाता है) ने नेताजी को लेकर एक विवादित बयान दिया था। सांसद ने कथित तौर पर नेताजी को "युद्ध अपराधी" करार दिया था। इसके साथ ही, उन्होंने नेताजी के नेतृत्व और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आजाद हिंद फौज की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। रॉय राज्य के उत्तरी हिस्से में स्थित कूच बिहार से हैं।

राज्य सचिवालय 'नबान्न' में पत्रकारों से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उत्तर बंगाल के कई निर्वाचित प्रतिनिधियों और मंत्रियों ने उनसे नेताजी से जुड़े पोस्ट और 'मीम्स' को लेकर शिकायतें की थीं। उन्होंने कहा, "जिन्होंने नेताजी के बारे में गलत जानकारी फैलाई है और मीम्स बनाए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।"

यह पूछे जाने पर कि क्या पुलिस अनंत महाराज के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी, इस पर अधिकारी ने कहा, ''मैं किसी का नाम नहीं लूंगा, लेकिन कानून विधायकों, सांसदों, किसी भी पार्टी के नेताओं, सरकारी अधिकारियों या पुलिस अधिकारियों के लिए समान है।'' अधिकारी ने ऐसी सामग्री पोस्ट करने वालों से उन्हें तुरंत हटाने और माफी मांगने को कहा और साथ ही चेतावनी दी कि पोस्ट हटाने से जरूरी नहीं कि वे कानूनी कार्रवाई से बच जाएं।

Amit Kumar

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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