बंगाल के आसनसोल में नमाज रोकने की अफवाह, भीड़ ने पुलिस पर बरसाए पत्थर; फिर चली लाठी

Amit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, आसनसोल
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आसनसोल में 'नमाज रोकने' की अफवाह पर उग्र भीड़ ने पुलिस पर किया पथराव। लाउडस्पीकर की आवाज कम करने गई थी पुलिस। भारी तनाव के बाद इलाके में पुलिस और केंद्रीय बल तैनात, कई हिरासत में। पढ़ें पूरी खबर।

बंगाल के आसनसोल में नमाज रोकने की अफवाह, भीड़ ने पुलिस पर बरसाए पत्थर; फिर चली लाठी

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में शुक्रवार रात अचानक उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब नया मोहल्ला इलाके में उग्र भीड़ ने स्थानीय पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वे शुक्रवार रात की नमाज को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षाबलों का मार्च जारी है।

लाउडस्पीकर की आवाज कम करने गई थी पुलिस

आसनसोल नॉर्थ के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी के मुताबिक, इस पूरे विवाद की शुरुआत एक गलतफहमी और अफवाह के कारण हुई। नया मोहल्ला पुलिस चौकी के अधिकारी स्थानीय मस्जिद गए थे। उन्होंने मस्जिद कमेटी से यह अपील की थी कि नमाज के दौरान लाउडस्पीकर की आवाज केवल मस्जिद परिसर तक ही सीमित रखी जाए।

इसी बात को लेकर इलाके में यह अफवाह आग की तरह फैल गई कि पुलिस जुमे (शुक्रवार) की नमाज को जबरन रोकने की कोशिश कर रही है। जिस समय मस्जिद कमेटी के सदस्य और पुलिसकर्मी इस मसले पर आपस में बातचीत कर ही रहे थे, तभी एक भीड़ ने वहां पहुंचकर पुलिस पर अचानक पथराव शुरू कर दिया।

हमलावरों को खदेड़ा, कई हिरासत में

पथराव के बाद स्थिति बिगड़ते देख भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय फोर्स के जवान मौके पर पहुंच गए। जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर भीड़ को वहां से खदेड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए कई लोगों को हिरासत में भी लिया है। हालांकि, इस पूरी घटना को लेकर किसी भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

टीएमसी समर्थित लोगों पर माहौल बिगाड़ने का आरोप

विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसके पीछे साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि "तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थित असामाजिक तत्व" इलाके का माहौल बिगाड़ने और स्थिति को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही विधायक ने सभी से अपील की है कि वे तय ध्वनि मानकों (साउंड नॉर्म्स) का शांति से पालन करें और पुलिस की इजाजत के बिना माइक्रोफोन का इस्तेमाल न करें।

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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