शर्तों के साथ जमानत; पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे इंजीनियर रशीद, लेकिन...

Deepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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टेरर फंडिंग केस में जेल में बंद सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद को अंतरिम जमानत मिल गई है। यह अंतरिम जमानत दो जून तक के लिए है। बारामूला के सांसद को उनके पिता के निधन के बाद जमानत दी गई है।

शर्तों के साथ जमानत; पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे इंजीनियर रशीद, लेकिन...

टेरर फंडिंग केस में जेल में बंद सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद को अंतरिम जमानत मिल गई है। यह अंतरिम जमानत दो जून तक के लिए है। बारामूला के सांसद को उनके पिता के निधन के बाद जमानत दी गई है। हालांकि इस जमानत में दिल्ली हाई कोर्ट ने कई शर्तें भी लगा रखी हैं। रशीद के पिता खाजिर शेख (85) लंबी बीमारी से जूझ रहे थे। पहले उनका इलाज श्रीनगर के चेस्ट डिजीज अस्पताल में चल रहा था। बाद में उन्हें एसएमएचएस अस्पताल ले जाया गया और फिर विशेष उपचार के लिए एम्स रेफर किया गया था।

यह शर्तें लगाई गई हैं
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच इंजीनियर रशीद को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी है। बेंच ने कहाकि अंतरिम जमानत अवधि के दौरान, कम से कम दो पुलिस अधिकारी सादे कपड़ों में हमेशा रशीद के साथ रहेंगे। यह भी कहा गया है कि यह पुलिस अधिकारी तिहाड़ जेल से लेकर श्रीनगर से वापसी तक रशीद के साथ रहेंगे। बेंच ने आदेश दिया कि रशीद को कब्रिस्तान या किसी अन्य उपासना स्थल पर जाने की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें कहीं और जाने की अनुमति नहीं होगी।

इस आधार पर रशीद ने मांगी थी जमानत
बता दें कि रशीद ने इस आधार पर अंतरिम जमानत का अनुरोध किया था कि एम्स में उपचाराधीन उनके पिता का रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को निधन हो गया। उन्होंने कहाकि अंतिम संस्कार करने, पारंपरिक रीति-रिवाजों को पूरा करने के लिए अंतरिम जमानत आवश्यक है। अदालत ने आदेश दियाकि तदनुसार, याचिकाकर्ता के पिता के निधन के कारण, याचिकाकर्ता को 2 जून, 2026 तक अंतरिम जमानत दी जाती है।

रशीद पर क्या हैं आरोप
रशीद को इंजीनियर रशीद के नाम से भी जाना जाता है। रशीद टेरर फंडिंग मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उन पर जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकी समूहों को वित्त पोषित करने के आरोप है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा 2017 के मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद से उन्हें 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है। रशीद ने जेल में रहते हुए लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी।

अक्टूबर 2019 में उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर होने के बाद, एक विशेष एनआईए अदालत ने मार्च 2022 में रशीद और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 121 (सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और 124ए (राजद्रोह) और कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत आरोप तय किए थे।

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लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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