
सबसे अमीर संगीतकार, सभी धर्मों के लोग करते हैं प्यार; एआर रहमान विवाद पर तस्लीमा नसरीन
बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सांप्रदायिकता को लेकर की गई टिप्पणी पर संगीतकार एआर रहमान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि रहमान को भारत में सभी धर्मों के लोग प्यार करते हैं। वह भारत के शायद सबसे अमीर संगीतकार हैं।
मशहूर संगीतकार एआर रहमान इन दिनों अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। तमाम लोगों ने उनकी सांप्रदायिकता वाली टिप्पणी से किनारा करते हुए उनकी आलोचना की थी। अब इस लिस्ट में बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन का नाम भी शामिल हो गया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि एआर रहमान भारत के शायद अमीर संगीतकार है। सभी धर्मों के लोग उन्हें प्यार करते हैं। वह अमीर हैं ऐसे में उन्हें कोई परेशानी नहीं होती है, परेशानी गरीबों को होती है।
सोशल मीडिया साइट एक्स पर एआर रहमान विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए तस्लीमा नसरीन ने कहा कि एआर रहमान और बॉलीवुड के तमाम मुस्लिम दिग्गजों को सभी धर्मों से सम्मान मिलता है। उन्होंने लिखा, "शाहरुख खान आज भी बॉलीवुड के बादशाह हैं> सलमान खान, आमिर खान, जावेद अख्तर, शबाना आजमी ये सभी सुपरस्टार हैं। मशहूर और अमीर लोगों को कहीं कोई परेशानी नहीं होती। चाहे उनका धर्म, जाति या समुदाय कुछ भी हो... एआर. रहमान को हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, ईसाई, नास्तिक और आस्तिक सभी समान रूप से सम्मान देते हैं। उन पर तरस खाना शोभा नहीं देता। परेशानी तो कई बार मुझ जैसे गरीब लोगों को हो जाती हैं।"
मैं कट्टर नास्तिक, तब भी नाम से मुस्लिम: नसरीन
बांग्लादेशी लेखिका ने कहा, "भले ही मैं कट्टर नास्तिक हूँ, लेकिन मेरे नाम की वजह से मुझे मुसलमान समझ लिया जाता है। मुस्लिम विरोधी लोगों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई नास्तिक है या आस्तिक। कोई मुझे किराए पर अपार्टमेंट नहीं देना चाहता। जब मैं अस्पताल जाता हूँ, तो वे मुझे धोखा देते हैं और मेरा पैर काट देते हैं। हैदराबाद में नास्तिक होने पर भी मेरी पिटाई होती है। मैं औरंगाबाद में कदम नहीं रख सकता, मुझे पश्चिम बंगाल से निकाल दिया गया है।"
आपको बता दें, तस्लीमा नसरीन को बांग्लादेश से बाहर निकाल दिया गया था। इसके बाद से वह भारत में अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनके बयानो से अक्सर कट्टरपंथी मुसलमान भड़कते रहते हैं, जिसके कारण कई बार उन्हें जान से मारने की धमकी भी मिली है। भारत के कई कट्टरपंथी मुसलमानों ने उन्हें देश से निकालने की भी सिफारिश की है। हालांकि, भारत सरकार ने उन्हें शरण दे रखी है।

लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
और पढ़ें



