रात गई पर बात नहीं! ब्रिक्स की सफलता से तिलमिलाया बांग्लादेश, नंदीग्राम उपचुनाव में TMC का दांव; 13 सितंबर की बड़ी खबरें
भारत में ब्रिक्स की सफलता के बाद बांग्लादेश ने बड़ा बयान दिया है। इधर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है। एक क्लिक पर पढ़ें 13 सितंबर की बड़ी खबरों का रीकैप-

ब्रिक्स की सफलता के बाद तिलमिलाया बांग्लादेश
भारत की मेजबानी में ब्रिक्स की सफलता से बांग्लादेश तिलमिलाया हुआ है। सम्मेलन के बाद बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर से भारत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा है कि भारत महज एक और देश है और ढाका अब उसके साथ पुराने आकर्षण से आगे बढ़कर नए सिरे से विपक्षीय संबंध बनाना चाहता है।
क्यों है अहम- बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बीते दिनों ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आने से मना कर दिया था। इससे पहले भी वह कई न्योते के बाद भी भारत नहीं आए। ऐसे में इस तरह के बयान को अहम माना जा रहा है
आगे क्या- संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के लिए रहमान 21 सितंबर को न्यूयॉर्क जाएंगे। वे महासभा को संबोधित करेंगे और बांग्लादेश की नई सोच और भविष्य की योजनाओं के बारे में बताएंगे।
बंगाल उपचुनाव के लिए TMC ने खोले पत्ते
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम जारी कर दिए हैं। टीएमसी ने बताया कि नंदीग्राम से पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान होंगी। वहीं रेजीनगर सीट पर रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया गया है।
क्यों है अहम- इस ऐलान के साथ ही यह साफ हो गया है कि तृणमूल की सुप्रीमो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव नहीं लड़ेंगी। घोषणा ऐसे समय में हुई जब पार्टी के अंदर पहले से तनाव चल रहा है और बागी गुट ममता बनर्जी पर नंदीग्राम से कुछ चुनाव लड़ने का दबाव बना रहा था।
आगे क्या- चुनाव आयोग ने नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों के लिए उपचुनाव की तारीखें तय कर दी हैं। मतदान 6 अक्टूबर को होगा और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी।
मोदी-पुतिन-जिनपिंग के साथ मुस्कुराता हुआ शख्स कौन?
ब्रिक्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुस्कुराते हुए एक शख्स की तस्वीर को वायरल हो रही है। यह शख्स कोई और नहीं, भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी सिद्धार्थ बाबू है।
क्यों है अहम- सिद्धार्थ बाबू विदेश मंत्रालय में यूरोप और यूरेशिया मामलों के उपसचिव है। प्रधानमंत्री की कई अहम कूटनीतिक बैठकों में वह भाषा से जुड़ी जिम्मेदारी संभालते हैं। विदेशी नेताओं के साथ बातचीत में शब्दों का सही मतलब और बोलने का अंदाज काफी मायने रखता है। ऐसे में दुभाषिए की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
आगे क्या- ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी लगातार मौजूदगी इसी अहम भूमिका की वजह से चर्चा में है। लोग उनके अंदाज की तारीफ कर रहे हैं।


