बांग्लादेश पीएम तारिक रहमान का ब्रिक्स समिट में आने से इनकार, भारत दौरे की अगली तारीख दी
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत नहीं आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक वह इस वर्ष नवंबर और दिसंबर में द्विपक्षीय वार्ता के लिए नई दिल्ली आ सकते हैं।
भारत में होने वाली ब्रिक्स समिट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली की तरफ से बांग्लादेश पीएम तारिक रहमान को भी न्योता भेजा था। लेकिन अब खबर सामने आ रही है कि तारिक रहमान इस समिट में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली नहीं आने वाले। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश पीएम इस वर्ष दिसंबर तक भारत दौरे पर आ सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश पीएम भारत आने के लिए उत्सुक हैं। लेकिन इससे पहले वह अपने भारत दौरे पर होने वाले फैसलों को लेकर बातचीत सुनिश्चित करना चाहते हैं। ताकि जब वह भारत दौरे से वापस आएं, तो बांग्लादेशी जनता को बताने के लिए उनके पास कुछ हो।
बता दें, बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव देखने को मिला था। यूनुस प्रशासन के दौरान नई दिल्ली और ढाका के रिश्तों में गिरावट देखने को मिली थी। लेकिन तारिक रहमान के ढाका की राजनीति के केंद्र में आने के बाद भारत ने अपनी तरफ से दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। पूर्व पीएम खालिदा जिया के देहांत के बाद विदेश मंत्री जयशंकर श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे थे। चुनाव जीतकर आने वाले तारिक रहमान को सबसे पहले भारत ने ही न्योता दिया था। हालांकि इसके बाद भी तारिक रहमान अभी तक नई दिल्ली नहीं आए हैं। दूसरी तरफ वह चीन की यात्रा कर चुके हैं।
भारत में होने वाली ब्रिक्स समिट तारिक रहमान के आने के संभावना नहीं: सूत्र
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में रहमान के करीबी ने कहा कि भारत की तरफ से ब्रिक्स समिट में शामिल होने का न्योता आया है। लेकिन तारिक रहमान इसको शायद स्वीकार नहीं करने वाले। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह भारत जाने से बचना चाहते हैं। दोनों देशों के संबंध 1971 से बने हैं। ऐसे में भारत जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसी को साइडलाइन नहीं किया जा सकता।तारिक रहमान इस वर्ष नवंबर या दिसंबर तक भारत यात्रा कर सकते हैं।
शेख हसीना का प्रत्यर्पण चाहते हैं तारिक रहमान
दोनों देशों के बीच के रिश्तों में सबसे बड़ी रुकावट पूर्व पीएम शेख हसीना का भारत में शरण लेना है। हसीना ने अपने कार्यकाल के दौरान बीएनपी नेताओं को जेल में रखा था। उन्होंने खलिदा जिया को भी भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते जेल में रखा। तारिक रहमान हसीना के कार्यकाल के दौरान कभी बांग्लादेश नहीं आ पाए। ऐसे में अब जबकि वह पीएम हैं, तो वह शेख हसीना को सजा दिलाने के लिए उत्सुक हैं। तारिक रहमान सरकार का साफ कहना है कि शेख हसीना को उनके गलत कामों की सजा मिलनी चाहिए। वह लगातार भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करते रहते हैं।
सूत्रों के मुताबिक तारिक रहमान सरकार आवामी लीग की नेता को ही राजनीतिक हिंसा की जिम्मेदार मानती है। ऐसे में वह हसीना को सजा दिलाना चाहते हैं। सूत्रों ने कहा, "बांग्लादेश में जो भी भारत विरोधी मानसिकता है, उसके लिए आवामी लीग ही जिम्मेदार है। बीएनपी इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। तारिक रहमान सरकार भारत के साथ रिश्तों को आगे ले जाना चाहती है।


