
माहौल भारत के खिलाफ, बांग्लादेश में कोई भारतीय सुरक्षित नहीं; बचकर लौटे सेलेब की आखों देखी
सरोद वादक शिराज अली खान ने कहा कि अब कोई भी भारतीय सुरक्षित नहीं है और भावना पूरी तरह से भारत विरोधी है। उन्होंने कहा कि लोग मॉब अटैक के लिए वजह खोज रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां कोई भी भारतीय सुरक्षित नहीं है।
मशहूर सरोद वादक शिराज अली खान का कहना है कि बांग्लादेश में कोई भी भारतीय सुरक्षित नहीं है। हाल ही में वह पड़ोसी मुल्क में कॉन्सर्ट के लिए गए थे, लेकिन बमुश्किल जान बचाकर वापस लौटे हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें स्थानीय लोगों ने हिदायत दी थी कि वह अपनी भारतीय पहचान के बारे में किसी को न बताएं। बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद लगातार हालत बिगड़ रहे हैं।
न्यूज18 से बातचीत में खान ने कहा कि वह 16 दिसंबर को बांग्लादेश पहुंचे थे और तब तक हालात सामान्य थे। उन्होंने कहा कि जब कम दर्शकों को पाया, तो लगा कि कोई परेशानी हो सकती है। उन्होंने बताया कि तब स्थानीय लोगों ने सूचना बिगड़ने की जानकारी दी और हिदायत दी कि मैं किसी को भी अपने भारतीय होने की बात न बताऊं।
नहीं बताया भारतीय हैं
उन्होंने कहा कि होटल स्टाफ ने भी मुझे अपनी पहचान कहीं नहीं बताने के लिए कहा। सरोद वादक ने बताया कि वह जब भी बांग्लादेश जाते हैं, तो कोलकाता बंग्ला बोलते हैं, लेकिन इस बार स्थानीय बंग्ला का उपयोग किया। उन्होंने कहा कि शुक्र है कि मेरा सरनेम खान था और मैंने उसपर जोर दिया, जिसे पता चल रहा था कि मैं मुस्लिम हूं।
उन्होंने बताया कि अगली सुबह मुझे छयनौट की घटना के बारे में पता चला। हम वही जाने वाले थे। उन्होंने कहा कि मैंने भारतीय दूतावास से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह बंद हो चुका है और किसी तरह मैं भारत वापस लौटा।
भारत विरोधी लहर
उन्होंने कहा कि मेरी जड़ें बांग्लादेश में हैं और मैं वहां सिर्फ संगीत के लिए जाता हूं। इससे पहले वहां लोग काफी स्वागत करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि अब कोई भी भारतीय सुरक्षित नहीं है और भावना पूरी तरह से भारत विरोधी है। उन्होंने कहा कि लोग मॉब अटैक के लिए वजह खोज रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां कोई भी भारतीय सुरक्षित नहीं है।
भारत सरकार ने किया इनकार
विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेशी मीडिया की उन खबरों को 'भ्रामक प्रचार' बताते हुए खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि पड़ोसी देश में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या के विरोध में नई दिल्ली में बांग्लादेशी उच्चायोग के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा स्थिति बिगाड़ने का प्रयास किया गया था। मंत्रालय ने बताया कि शनिवार को बांग्लादेश के मैमनसिंह में दीपू चंद्र दास की 'बर्बर हत्या' के विरोध में बांग्लादेश उच्चायोग के सामने लगभग 20 से 25 युवक एकत्र हुए और नारे लगाए।

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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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