भारत को रिश्ते खराब होने की वॉर्निंग दे रहा था बांग्लादेश, फिर डीजल मांगने लगा
राजधानी दिल्ली में आयोजित शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बांग्लादेश ने जमकर आपत्ति जताई थी। यहां तक कि संबंधों पर असर पड़ने तक का दावा कर दिया था। अब मुल्क भारत से ही एक्स्ट्रा डीजल देने की मांग कर रहा है।

बांग्लादेश अपनी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भारत को तेवर दिखा रहा था। इसी बीच खबर है कि पड़ोसी मुल्क ने किल्लत के बीच भारत से ज्यादा डीजल देने की मांग की है। हालांकि, अब तक इस अनुरोध पर भारत की तरफ से आधिकारिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इससे पहले बांग्लादेश ने कहा था कि हसीना को कॉन्फ्रेंस की अनुमति देने से भारत के साथ रिश्तों पर असर पड़ सकता है।
हाल ही में भारतीय राजनयिक दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश सरकार में मंत्री इकबाल हसन महमूद से मुलाकात की थी। इस बात की जानकारी भारतीय उच्चायोग ने दी थी। कार्यालय ने बताया कि इस दौरान ऊर्जा क्षेत्र में मुल्कों के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर बात की गई थी। आगे बताया गया, 'चर्चा में भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पार बिजली और ऊर्जा कनेक्टिविटी की जरूरत पर जोर दिया गया।'
बांग्लादेश ने माना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बैठक के बाद बांग्लादेश में मंत्री महमूद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने माना है कि डीजल की कमी से गैस के जरिए बिजली बनाने पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि जिसके चलते कटौती हो रही है। उन्होंने कहा, 'भारत के साथ हमारे पार एक पाइपलाइन हैं, जिसके जरिए डीजल सप्लाई होता है। हमने उन्हें और ज्यादा उपलब्ध कराने के लिए कहा है।'
उन्होंने यह भी कहा है कि भारत से ज्यादा डीजल सप्लाई बांग्लादेश में हो रही मौजूदा कमी को खत्म करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा, 'भारत हमारा पड़ोसी देश है, तो हमारी कई साझा हित हैं और उनपर ही बात की गई थी।' खास बात है कि मार्च और अप्रैल में ही बांग्लादेश ने इस पाइपलाइन के जरिए करीब 30 हजार टन डीजल हासिल किया था।
जताई थी नाराजगी
वार्ता के अनुसार, बंगलादेश के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी एक लंबे बयान में कहा, 'बंगलादेश इस बात से नाराज है कि नरसंहार की दोषी और फरार चल रहीं शेख हसीना को आज शाम नई दिल्ली में मीडिया से लाइव बातचीत करने की इजाजत दी गई, जहां उन्होंने और उनके साथियों ने बंगलादेश और उसके नागरिकों के खिलाफ जहरीली बातें कहीं।'
बयान में कहा गया है कि बंगलादेश सरकार को इस बात का सख्त अफसोस है कि भारत सरकार को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि इस कार्यक्रम से हमारे द्विपक्षीय संबंधों को फिर से बेहतर बनाने की कोशिशों पर क्या असर पड़ सकता है, फिर भी इस सार्वजनिक कार्यक्रम को आयोजित करने की इजाजत दी गई।
बयान में कहा गया है कि 'ऐसे मौके पर जब बंगलादेश के लोग 'जुलाई क्रांति' की दूसरी वर्षगांठ मना रहे हैं, भारतीय जमीन पर शेख हसीना का यह कार्यक्रम बंगलादेश की संप्रभुता का अपमान और 'जुलाई क्रांति' के शहीदों का घोर अनादर है।'
वापस लौटने की तैयारी
नई दिल्ली के विदेशी संवाददाता क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम को अपने ऑनलाइन संबोधन में शेख हसीना ने कहा था कि वह इस साल के अंत तक बंगलादेश लौट जायेंगी, चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कीमत चुकानी पड़े।


