सोनम वांगचुक के समर्थन में आए छात्र; एक दिन की करेंगे भूख हड़ताल, सरकार को क्या मैसेज
छात्रों का कहना है कि सोनम वांगचुक छात्रों से जुड़े मुद्दों और शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत को लेकर आवाज उठा रहे हैं। वांगचुक की ओर से उठाए गए सवालों पर सरकार और अधिकारियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

बेंगलुरु यूनिवर्सिटी के पोस्ट-ग्रेजुएट छात्र और रिसर्च स्कॉलर्स यूनियन ने सोनम वांगचुक के समर्थन में एक दिन की भूख हड़ताल करने का ऐलान किया है। यह कार्यक्रम शनिवार को विश्वविद्यालय के ज्ञान भारती परिसर में सुबह 9:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। छात्र संगठन का कहना है कि इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता की मांग को मजबूत करना है। यह आंदोलन छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में जनसमर्थन जुटाने का प्रयास है। प्रदर्शन के दौरान छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखेंगे और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग करेंगे।
छात्र संगठन का कहना है कि सोनम वांगचुक लंबे समय से छात्रों से जुड़े मुद्दों और शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनका मानना है कि वांगचुक की ओर से उठाए गए सवालों पर सरकार और अधिकारियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की जरूरत है, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके। इसी मकसद से यह सांकेतिक भूख हड़ताल आयोजित की जा रही है, जिसके माध्यम से सरकार का ध्यान शिक्षा सुधार की ओर आकर्षित किया जाएगा।
छात्र संघ की लोगों से क्या अपील
आयोजकों ने पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों, शोधार्थियों, शिक्षकों, विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। छात्र संघ ने लोगों से कहा कि छात्रों के लिए खड़े हों, न्याय के लिए खड़े हों और पारदर्शी व जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था का समर्थन करें। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।
लद्दाख के इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। वह राष्ट्रीय स्तर पर हुई परीक्षा अनियमितताओं और चर्चित नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह 9:30 बजे जारी स्वास्थ्य विवरण के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उनका वजन 350 ग्राम घटकर 56.55 किलोग्राम रह गया है। उनका रक्तचाप 108/68, रक्त शर्करा 70 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर और नाड़ी की गति 72 प्रति मिनट दर्ज की गई। उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से उनके आंदोलन को समर्थन मिलना जारी है।


