इन दो राज्यों से भाजपा के लिए बुरी खबर, केवल 5 सीटों पर आगे; पिछले चुनावों में नहीं खुला था खाता

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विधानसभा चुनाव के ताज़ा रुझानों में BJP ने बंगाल और असम में प्रचंड बढ़त बनाई है, लेकिन दक्षिण भारत में पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। थलपति विजय की पार्टी TVK के उभार और BJP के प्रदर्शन का पूरा और आसान विश्लेषण पढ़ें।

इन दो राज्यों से भाजपा के लिए बुरी खबर, केवल 5 सीटों पर आगे; पिछले चुनावों में नहीं खुला था खाता

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के रुझानों ने देश की राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। इन रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक तरफ जश्न मनाने का मौका है, तो दूसरी तरफ दक्षिण भारत यानी केरल और तमिलनाडु से एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। वैसे पिछले चुनावों में भी भाजपा का प्रदर्शन इन दोनों राज्यों में कमजोर रहा था। तमिलनाडु में 2021 विधानसभा में गठबंधन के बावजूद मात्र 4 सीटें मिली थीं, जबकि केरल में 2021 में खाता तक नहीं खुला था। केवल 2016 में एक सीट जीती थी।

भाजपा के लिए अच्छी खबर: पूरब और पूर्वोत्तर में दबदबा

पश्चिम बंगाल (पहली बार सरकार बनाने की ओर): भाजपा के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी बंगाल से है। कुल 294 सीटों में से 206 सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं, जिनमें भाजपा 132 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (AITC) 71 सीटों पर सिमटती दिख रही है। यह भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक जीत हो सकती है।

असम (सत्ता बरकरार): पूर्वोत्तर के इस अहम राज्य में भाजपा अपनी सत्ता आसानी से बचाती दिख रही है। 126 सीटों में से 124 के रुझानों में भाजपा 78 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि कांग्रेस (INC) मात्र 24 सीटों पर आगे है।

भाजपा के लिए बुरी खबर: दक्षिण भारत में नहीं चला जादू

दक्षिण के राज्यों- तमिलनाडु और केरल में भाजपा ने इस बार पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन आंकड़े बता रहे हैं कि यहां पार्टी को अभी भी कोई बड़ा 'ब्रेकथ्रू' नहीं मिला है। दोनों राज्यों को मिलाकर भाजपा बमुश्किल 5 सीटों के आसपास ही सिमटती दिख रही है।

तमिलनाडु (विजय की आंधी, भाजपा किनारे)

234 सीटों वाले इस राज्य में 222 सीटों के रुझान आ चुके हैं। यहां सबसे बड़ा उलटफेर अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK (तमिझागा वेत्री कझगम) ने किया है, जो 105 सीटों पर प्रचंड बढ़त बनाए हुए है।

AIADMK 66 और सत्ताधारी DMK 40 सीटों पर आगे है।

भाजपा का हाल: AIADMK जैसी बड़ी क्षेत्रीय पार्टी के साथ गठबंधन करने के बावजूद भाजपा कुछ खास कमाल नहीं कर पाई है। शुरुआती रुझानों के अनुसार, राज्य में भाजपा सिर्फ 3 सीटों पर ही आगे चल रही है।

केरल (कांग्रेस गठबंधन का पलड़ा भारी):

140 सीटों वाली केरल विधानसभा में कांग्रेस (INC) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है और 57 सीटों पर आगे है। सत्ताधारी वामपंथी गठबंधन CPI(M) 29 सीटों पर आगे है।

भाजपा का हाल: इस राज्य में भी भाजपा को निराशा हाथ लगी है और वह केवल 2 सीटों पर ही संघर्ष कर रही है। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले चुनावों में केरल में भाजपा का खाता भी नहीं खुला था, इसलिए कुछ सीटों पर बढ़त भी तकनीकी रूप से एक शुरुआत है, लेकिन उम्मीदों के हिसाब से यह बहुत कम है।

आंकड़े साफ बताते हैं कि भाजपा ने हिंदी पट्टी और पूर्वी भारत में अपनी पकड़ को और मजबूत कर लिया है। लेकिन, दक्षिण भारत की राजनीति अभी भी क्षेत्रीय दलों, स्थानीय मुद्दों और भाषाई अस्मिता के इर्द-गिर्द घूमती है। तमिलनाडु में TVK जैसे नए क्षेत्रीय दल का उभार यह साबित करता है कि दक्षिण के मतदाता अभी भी राष्ट्रीय पार्टियों (चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस) से ज्यादा स्थानीय चेहरों पर भरोसा जता रहे हैं।

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Amit Kumar

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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