
बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' की नींव रख हुमायूं कबीर ने भरी हुंकार, बोले- 37 फीसदी मुस्लिम आबादी...
एक बड़े स्टेज से बोलते हुए, TMC से सस्पेंडेड विधायक हुमायूं कबीर ने आए हुए मौलवियों के साथ एक रस्मी रिबन काटा। उन्होंने कहा कि 37 फीसदी मुस्लिम आबादी हर कीमत पर बाबरी मस्जिद बनाएगी।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से सस्पेंड किए गए विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तरह मस्जिद की नींव रखी। इस दौरान पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। 'बाबरी मस्जिद' की नींव रखने के बाद, हुमायूं कबीर ने हुंकार भरी और कहा कि बंगाल की 37 फीसदी मुस्लिम आबादी हर कीमत पर बाबरी मस्जिद बनाएगी, कोई एक ईंट भी नहीं हिला सकता। अयोध्या में जो मस्जिद तोड़ी गई थी, वही यहां बेलडांगा में बनेगी। 300 करोड़ रुपये के बजट से मस्जिद के साथ-साथ एक हॉस्पिटल, एक गेस्ट हाउस और एक मीटिंग हॉल भी बनाया जाएगा।
हुमायूं कबीर ने यह इवेंट जानबूझकर 6 दिसंबर, 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने की बरसी पर रखा गया था। यह कड़ी सिक्योरिटी के बीच हुआ। राज्य पुलिस, आरएफ और सेंट्रल फोर्स ने रेजिनगर और पास के बेलडांगा के इलाकों को कंट्रोल्ड जोन में बदल दिया था। प्रस्तावित मस्जिद की जगह से करीब एक किलोमीटर दूर बने एक बड़े स्टेज से बोलते हुए, कबीर ने आए हुए मौलवियों के साथ एक रस्मी रिबन काटा, और हजारों समर्थकों से भरे मैदान में 'नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर' के नारे गूंज रहे थे।
कबीर ने कहा, "इसमें कुछ भी गैर-संवैधानिक नहीं है। बाबरी मस्जिद बनाई जाएगी।" उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम में चार लाख लोग शामिल हुए थे। 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने का जिक्र करते हुए, कबीर ने इस प्रोजेक्ट को इमोशनल भरपाई बताया। उन्होंने कहा, "तैंतीस साल पहले, मुसलमानों के दिलों पर एक गहरा घाव लगा था। आज, हम उस घाव पर थोड़ा मरहम लगा रहे हैं और यह भी बताया कि मस्जिद की घोषणा करने के लिए उन्हें धमकियां मिली थीं।'' डेमोग्राफी का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने कहा, "इस देश में 40 करोड़ मुसलमान हैं और इस राज्य में चार करोड़। क्या हम यहां एक मस्जिद नहीं बना सकते?" कार्यक्रम के दौरान सऊदी अरब के मौलवियों ने मंच शेयर किया।
वहीं, थोड़ी ही दूर, भाजपा के नेता सखाराव सरकार ने बहरामपुर में बंजाटिया के मनिंद्र नगर में राम मंदिर की नींव रखी, और इस मौके पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, "यह बाबरी मस्जिद सिर्फ हुमायूं कबीर का प्रोजेक्ट नहीं है। राज्य प्रशासन और टीएमसी इसमें शामिल हैं।" इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट किया, "बंगाल की मिट्टी रवींद्रनाथ, नजरुल, रामकृष्ण और विवेकानंद की एकता की मिट्टी है। इस धरती ने कभी बांटने वाली पॉलिटिक्स के आगे अपना सिर नहीं झुकाया है, न ही कभी झुकाएगी। आस्था पर्सनल होती है, लेकिन त्योहार सभी के होते हैं।'' उन्होंने कहा कि 'कम्युनल ताकतों के खिलाफ लड़ाई' जारी रहेगी।

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
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