'उनके कारनामे कैसे रहे हैं', कंगना रनौत पर भड़के रामदेव; बीजेपी को भी दे दी नसीहत

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

युवाओं को गटरछाप वाली टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत पर बाबा रामदेव ने कहा कि मैं ऐसे लोगों की बात नहीं करना चाहता।उन्होंने कहा की पार्टी को ऐसे लोगों के बारे में संज्ञान लेना चाहिए। 

Ramdev
कंगना रनौत पर बुरी तरह भड़के बाबा रामदेव

गटरछाप बताने वाली बीजेपी सांसद कंगना रनौत पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें अपने कारनामे देखने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी को नसीहत दी और कहा कि ऐसे लोगों पर पार्टी को ऐक्शन लेना चाहिए। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी रामदेव ने आंदोलन की धमकी देते हुए कहा था शिक्षा व्यवस्था की हालत बेहद खराब है और भर्तियों में घाटोले हो रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता का वह समर्थन नहीं करते हैं।

कंगना के जीवन पर कर दिया सवाल

एक न्यूज चैनल पर इंटरव्यू के दौरान जब उनसे सवाल किया गया कि आप कहते हैं कि Gen-Z से संवाद होना चाहिए। दूसरी तरफ बीजेपी की सांसद उन्हें गटरछाप जनरेशन कहती हैं। इसपर रामदेव ने कहा, उनका बचपन कैसा रहा है, उनकी जवानी कैसी रही है। उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं। मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को गटर बोलना, बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। इसपर पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।

गुनाहों पर कोई लीपापोती नहीं

रामदेव ने भड़कते हुए कहा, अगर कोई मेरी प्रशंसा करे या फिर योग की प्रशंसा करे तो उनके गुनाहों पर लीपापोती कर दूं। किसी भी जाति, वर्ग या समुदाय की बात हो। युवा कोई जाति नहीं हैं।इनमें सबके बालक हैं। युवा अपने आप में बहुत बड़ी ताकत है। इसको कोई नकार नहीं सकता।

आपको बता दें कि सीजेपी के प्रोटेस्ट के दौरान लोकसभा में कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारी लड़कियों को गटरछाप कहते हुए उनके चरित्र पर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद विपक्ष ने इसका विरोध भी किया। हालांकि कंगना पीछे नहीं हटीं और उन्होंने फिर कहा कि कॉकरोच तो गटर से ही निकलते हैं।

योग गुरु रामदेव ने धर्मांतरण और धार्मिक भेदभाव से जुड़े मुद्दों पर कहा है कि सनातन संस्कृति और धर्म अत्यंत प्राचीन है और इसमें ऐसी कोई कमी नहीं है, जिसके कारण किसी को मुस्लिम या ईसाई बनने की आवश्यकता पड़े। उन्होंने धार्मिक विवादों से ऊपर उठकर शिक्षा, चिकित्सा, कृषि और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए इन व्यवस्थाओं का उन्नत होना आवश्यक है।

महबूबा मुफ्ती के 'दिमागी नक्सली हूं' वाले बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में बाबा रामदेव ने कहा कि वह राजनीतिक बयानों के पचड़े में नहीं पड़ना चाहते। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बौद्धिक दृष्टि से वितंडा और अराजकता फैलाने का प्रयास करते हैं। लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने की आजादी है, लेकिन इस आजादी का इस्तेमाल देश की बर्बादी के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने बौद्धिक अराजकता को ठीक नहीं बताया।

रामदेव ट्रेंड्स

उन्होंने कहा कि न हिंदू धर्म खतरे में है, न मुस्लिम और न ही ईसाई धर्म। देश को धार्मिक मुद्दों में उलझने के बजाय आर्थिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। भारत की अर्थव्यवस्था को श्रेष्ठ बनाने पर फोकस होना चाहिए और भारत का रुपया डॉलर के बराबर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को अमेरिका, चीन और रूस के बराबर सम्मान और दर्जा मिलना चाहिए।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia News'उनके कारनामे कैसे रहे हैं', कंगना रनौत पर भड़के रामदेव; BJP को भी दे दी नसीहत