बंगाल में थाने के सामने जलाए गए बाबा बागेश्वर के पोस्टर, FIR दर्ज; सीएम शुभेंदु ने दी कड़ी चेतावनी
दुर्गा पूजा के दौरान मांस खाने वालों पर बयान देने के बाद पश्चिम बंगाल में बाबा बागेश्वर को लेकर बवाल जारी है। एक दिन पहले ही सीएम शुभेंदु अधिकारी ने विरोधियों पर सख्त कार्यवाई के निर्देश दिए हैं।

दुर्गा पूजा के दौरान मांस खाने को लेकर बागेश्वर पीठ के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। भवानीपुर पुलिस स्टेशन के सामने बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाने के मामले में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर ली है। एक दिन पहले ही विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बाबा बागेश्वर के बयान का बचाव करते हुए कहा था कि उन्होंने किसी पर कोई दबाव नहीं डाला है। खाने-पीने के मामले में लोग अपने हिसाब से चलने को स्वतंत्र हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने उनका अपमान करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया।
बाबा बागेश्वर ने कहा था, मैं बंगाल में हिंदुओँ से अपील करना चाहता हूं कि नवरात्रि के दौरान आप मूर्ति रखें या ना रखें लेकिन पूजा पांडाल के पास मांसाहारी भोजन ना करें। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा था कि लोग चाहें तो अपने घरों में मीट खाएं। वह हावड़ा में हनुमंत कथा करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा था, मुझे एक चीज नहीं पसंद है कि बंगाल में दुर्गा पूजा पांडाल के पास गंदा खाना बनाया जाता है। दुर्गा पूजा के दौरान शरापब की दुकानें और मीट की दुकानें बंद होनी चाहिए। उन्होंने नॉन वेज खाने वाले हिंदुओं को पाखंडी बताया।
कांग्रेस नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज
उनके इस बयान के बाद टीएमसी और कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया। कलकत्ता जिलाकांग्रेस कमेटी के 8 सदस्य भवानीपुर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने पहुंचे। कमेटी के चीफ प्रदीप प्रसाद ने बताया. हम बाबा बागेश्वर की तस्वीर लेकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने थाने पहुंचे थे। हालांकि हम में से किसी ने तस्वीर नहीं जलाई। तस्वीर जलाने वाले लोग कोई और हैं। उन्होंने कहा कि बंगालियों की छवि खराब करने के लिए बाहर से लोगों को बुलाया जाता है।
वहीं आसनसोल के कांग्रेस नेता प्रसेनजित ने कहा कि बुधवार को उन्होंने बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाकर विरोध किा है। इसके बाद आसनसोल साउथ पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। घटना की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक गुरु बागेश्वर बाबा ने न केवल अपनी धार्मिक प्रथाओं के बारे में बल्कि देशभक्ति, राष्ट्रवाद और अखंड भारत के विचार पर भी बात की थी। उन्होंने कहा, "उन्होंने अपनी परंपरा और संस्कृति की बात की। जिसे स्वीकार करना है करे, जिसे नहीं करना है न करे। उन्होंने किसी पर कुछ नहीं थोपा। फिर भी भवानीपुर थाने के सामने उनकी तस्वीर जलायी गयी। मैं यहाँ से पुलिस आयुक्त को इसमें शामिल लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश देता हूँ।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि "तुष्टिकरण की राजनीति" का दौर अब खत्म हो चुका है। उन्होंने विपक्ष को साधु-संतों और भगवा रंग का अपमान करने से पहले विचार करने की चेतावनी दी।


