बंगाल में भाजपा कैसे जीती, Axis My India के प्रदीप गुप्ता बोले- सिर्फ हिंदू एकजुटता नहीं, बल्कि...

Madan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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अपने इस तर्क को पुष्ट करने के लिए कि केवल हिंदू एकजुटता ही भाजपा को जीत दिलाने में मददगार नहीं है, Axis My India के प्रदीप गुप्ता ने पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के नतीजों का हवाला दिया, जब पार्टी ने 38.15 प्रतिशत वोट और 77 सीट जीती थीं।

बंगाल में भाजपा कैसे जीती, Axis My India के प्रदीप गुप्ता बोले- सिर्फ हिंदू एकजुटता नहीं, बल्कि...

एक्सिस माय इंडिया (Axis My India) सर्वे एजेंसी के प्रमुख और पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रदीप गुप्ता ने बुधवार को बताया कि पश्चिम बंगाल में कैसे भाजपा ने जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि सिर्फ हिंदू एकजुटता नहीं, बल्कि भय का माहौल बनाने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वर्षों के कुशासन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व और अमित शाह व आरएसएस की संगठनात्मक क्षमताओं ने भाजपा को सत्ता में पहुंचाया। 'एक्सिस माय इंडिया' के संचालक गुप्ता ने 'पीटीआई-भाषा' के साथ इंटरव्यू में इस बात को खारिज किया कि 15 साल सत्ता में रहने के बाद ममता बनर्जी की टीएमसी को सत्ता से बाहर करने में सिर्फ हिंदू वोटों के एकजुटता की भूमिका है।

उन्होंने भारतीय मतदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि वह सबसे गरीब गांव से लेकर सबसे अमीर शहर तक सभी को परिपक्व और समझदार मानते हैं, तथा वे चुनावी वादों, मुफ्त उपहारों या धर्म से ज्यादा प्रभावित नहीं होते। उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक ध्रुवीकरण के बजाय सुशासन ही भाजपा को अपना वर्चस्व स्थापित करने में मदद कर रहा है। गुप्ता ने कहा, ''हिंदू और मुस्लिम मुद्दे जीत या हार का फैसला नहीं करते। जब आप भाजपा की जीत का श्रेय हिंदू मतों के एकीकरण को देते हैं, तो आप उन राज्यों में किए गए अच्छे विकास और अच्छे कार्यों को कम करके आंकते हैं।''

विशेष रूप से बंगाल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि टीएमसी ने भय का माहौल बनाया जो 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के बाद उनके सर्वेक्षकों के लोगों से बातचीत करने पर स्पष्ट रूप से सामने आया। गुप्ता के अनुसार, लोगों ने सर्वेक्षकों से बात करने से इनकार कर दिया, जो इस बात का स्पष्ट संकेत था कि उन्होंने टीएमसी से अलग होकर भाजपा को वोट दिया था। उन्होंने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में विधानसभा चुनावों के हालिया परिणामों से लेकर भारतीय मतदाता की बदलती मानसिकता तक कई विषयों पर चर्चा की।

गुप्ता ने कहा, ''पूजा से ज्यादा महत्व पेट का है, और पेट से बड़ा महत्व जान का है।'' हालांकि 'एक्सिस माय इंडिया' ने तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में परिणामों की सटीक भविष्यवाणी की, लेकिन उसने पश्चिम बंगाल के लिए 'एग्जिट पोल' के अनुमान जारी नहीं करने का फैसला किया, जिसका कारण यह बताया गया कि बड़ी संख्या में लोगों - 70 प्रतिशत ने जवाब नहीं दिया।

गुप्ता ने दावा किया कि टीएमसी ने राज्य तंत्र का दुरुपयोग करके उनके सर्वेक्षकों को डराया-धमकाया और कुछ मामलों में तो उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया। उन्होंने कहा, ''बंगाल में इस चुनाव के दौरान भी हमारे छह लोगों को जेल में डाल दिया गया था। उन्हें अदालतों द्वारा राज्य सरकार को फटकार लगाए जाने के बाद ही रिहा किया गया।'' गुप्ता ने कहा कि पूरे पश्चिम बंगाल में पुलिस थानों को एक्सिस माय इंडिया के सर्वेक्षकों पर नजर रखने के लिए सतर्क कर दिया गया था।

चुनाव विश्लेषक ने कहा कि 'एक्सिस माय इंडिया' की तमिलनाडु के बारे में सटीक भविष्यवाणी असल में जमीनी स्तर पर एक साल की मौजूदगी का नतीजा थी, जो कि इसलिए अलग थी क्योंकि अधिकतर एजेंसियों ने डीएमके की वापसी का अनुमान लगाया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक अभिनेता के रूप में विजय की अपील, विशेष रूप से उनकी राजनीतिक फिल्मों के माध्यम से आई अपील ने, स्वाभाविक रूप से उनके उत्थान को गति दी।

लगातार ऐसे बढ़ा विजय का वोट शेयर

गुप्ता ने कहा, ''चुनाव से लगभग छह महीने पहले टीवीके का वोट शेयर लगभग 25 प्रतिशत था। तीन महीने पहले यह बढ़कर 28 प्रतिशत हो गया, फिर लगभग एक महीने पहले लगभग 30 प्रतिशत हो गया। और मतदान के दिन तक यह बढ़कर 35 प्रतिशत हो गया था। यही रुझान था।'' उन्होंने कहा कि इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि विजय ने सफलतापूर्वक अपनी 'ब्रांड इक्विटी' को द्रमुक और अन्नाद्रमुक के अलावा अन्य विकल्पों की तलाश कर रहे मतदाताओं के मन में एक विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प में बदल दिया।

केवल हिंदू एकजुटता ने ही नहीं दिलाई भाजपा को जीत

गुप्ता ने कहा, "हम इन दिनों जनसांख्यिकीय बदलावों की बात करते हैं। जिस तरह एक युवा भारत उभरा है, उसी तरह एक युवा तमिलनाडु भी है। इसके अलावा, द्रमुक के विकल्प की तलाश करने वालों को अन्नाद्रमुक में कोई आकर्षण नहीं मिला। उन्हें विजय में वह आकर्षण मिला और परिणाम आपके सामने हैं।" अपने इस तर्क को पुष्ट करने के लिए कि केवल हिंदू एकजुटता ही भाजपा को जीत दिलाने में मददगार नहीं है, गुप्ता ने पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के नतीजों का हवाला दिया, जब पार्टी ने 38.15 प्रतिशत वोट और 77 सीट जीती थीं। उन्होंने कहा, ''जब किसी सामाजिक समूह में किसी विशेष पार्टी के लिए समर्थन 50 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर जाता है, तो इसे समेकन माना जा सकता है। पश्चिम बंगाल में मुसलमानों की आबादी 27 प्रतिशत और हिंदुओं की 73 प्रतिशत है।'' गुप्ता ने कहा, ''भाजपा ने 2021 में कुल मतों का 38 प्रतिशत हासिल किया। अगर हम यह मान लें कि भाजपा के लगभग सभी वोट हिंदुओं से आए हैं, तो इसका मतलब होगा कि पार्टी को लगभग 52 प्रतिशत हिंदू वोट मिले। फिर भी उसे केवल 77 सीट मिलीं।'' उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई अन्य राज्यों के चुनावों में भी अतीत में ऐसी ही स्थिति रही है।

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Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

मीडिया में अवॉर्ड्स.
मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।

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