
पीएम मोदी ने 'हवाई चप्पल से हवाई जहाज' को संभव बनाया, किराए पर क्या बोले विमानन मंत्री
राम मोहन नायडू ने कहा, ‘आज सदस्यों ने जिस भावुकता से अपनी बात रखी है, उससे हवाई चप्पल से हवाई जहाज का नारा सिद्ध हो गया। जब तक कोई विषय देश की जनता से नहीं जुड़ता, तब तक दोनों पक्षों के सदस्यों में इतना भाव नहीं दिखता।’
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शुक्रवार को संसद में विमानन क्षेत्र की प्रगति, चुनौतियों और संकट के समय सरकार की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। हवाई किराए को नियंत्रित करने के उपायों पर बोलते हुए नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार के पास असाधारण परिस्थितियों में हस्तक्षेप कर किराया सीमित करने की शक्ति है। लोकसभा में उन्होंने कोविड-19 महामारी, प्रयागराज महाकुंभ, पहलगाम हमला और इंडिगो संकट जैसे उदाहरण दिए, जब सरकार ने बढ़ते हवाई किराए पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाया।
केंद्रीय मंत्री का यह बयान लोकसभा में एक सदस्य की ओर से पेश 'देश में हवाई किराए को नियंत्रित करने के उचित उपाय' संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान आया। यह इंडिगो संकट के ठीक एक सप्ताह बाद आया, जिसमें 2 दिसंबर से देश भर में सैकड़ों उड़ानें रद्द होने से बड़े हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी मच गई और हजारों यात्री परेशान हुए। राम मोहन नायडू ने कहा, 'आज सदस्यों ने जिस भावुकता से अपनी बात रखी है, उससे हवाई चप्पल से हवाई जहाज का नारा सिद्ध हो गया। जब तक कोई विषय देश की जनता से नहीं जुड़ता, तब तक दोनों पक्षों के सदस्यों में इतना भाव नहीं दिखता। यह इस बात का उदाहरण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नागरिक उड्डयन कितनी गहराई से देश की जनता से जुड़ा हुआ है।'
विमानन क्षेत्र में डीरेगुलेशन पर क्या बोले
विमानन क्षेत्र में डीरेगुलेशन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इसका मकसद ही यही है कि क्षेत्र बढ़े और नए खिलाड़ी आ सकें। राम मोहन नायडू ने कहा, 'हमने देखा है कि कई नई एयरलाइंस आईं और कई चुनौतियां भी आईं। लेकिन मूल विचार यही है कि अगर विमानन क्षेत्र को बढ़ाना है तो सबसे पहले इसे डीरेगुलेटेड रखना होगा, ताकि प्रतिस्पर्धा बनी रहे और नए खिलाड़ी बाजार में आ सकें।' उन्होंने कि हवाई किराया कब बढ़ता है? रोज-रोज नहीं बढ़ता। त्योहारों के मौसम में, विशेष मांग वाले समय में। ये सब मौसमी हैं। मैं पूरे साल किसी सेक्टर का किराया कैप नहीं कर सकता। बाजार की मांग और आपूर्ति स्वयं ही किराए को नियंत्रित करती है।





