
हैदराबाद का रहने वाला था साजिद अकरम, बोंडी बीच के हमलावर के बारे में पुलिस ने क्या बताया
पुलिस के अनुसार, दोनों की कट्टरपंथी विचारधारा का भारत या तेलंगाना से कोई संबंध नहीं है। घटना के बारे में तेलंगाना पुलिस ने बताया कि साजिद अकरम का परिवार हैदराबाद में रहता है, लेकिन उनके साथ उनका संपर्क बहुत सीमित था।
ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच पर रविवार को हनुका उत्सव के दौरान गोलीबारी में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक हमलावर पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। तेलंगाना पुलिस ने मंगलवार को खुलासा किया कि 50 वर्षीय साजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला था, जो 27 साल पहले ऑस्ट्रेलिया चला गया था। साजिद और उसके 24 वर्षीय बेटे नवीद अकरम ने राइफलों से अंधाधुंध फायरिंग की, जिसे ऑस्ट्रेलिया का अब तक का सबसे घातक आतंकी हमला माना जा रहा है। साजिद पुलिस के साथ गोलीबारी में मारा गया, जबकि नवीद गंभीर रूप से घायल है। उसे अस्पताल में पुलिस हिरासत के तहत रखा गया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों की कट्टरपंथी विचारधारा का भारत या तेलंगाना से कोई संबंध नहीं है। घटना के बारे में तेलंगाना पुलिस ने बताया कि साजिद अकरम का परिवार हैदराबाद में रहता है, लेकिन उनके साथ उनका संपर्क बहुत सीमित था। साजिद ने ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद भारत की 6 बार यात्रा की थी, लेकिन उनके परिवार को उनकी कट्टर सोच के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस के पास साजिद के भारत छोड़ने से पहले कोई रिकॉर्ड नहीं है। जांच में सहयोग के लिए भारतीय अधिकारी तैयार हैं।
नवंबर में फिलीपींस की यात्रा
फिलीपींस के इमीग्रेशन ब्यूरो ने बताया कि साजिद भारतीय पासपोर्ट पर और नवेद नवंबर 2025 में फिलीपींस गए थे। वे 28 नवंबर को वापस लौटे। कुछ रिपोर्ट्स में उनके इस्लामिक स्टेट विचारधारा से प्रेरित होने और फिलीपींस में संभावित ट्रेनिंग की बात कही गई है। यह हमला ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय पर टारगेटेड हिंसा की बढ़ती घटनाओं के बीच हुआ है। हनुका के पहले दिन बोंडी बीच पर आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों लोग जश्न मना रहे थे, जब पिता-पुत्र की जोड़ी ने हमला किया। मृतकों में बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं, जबकि दर्जनों घायल हैं। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने सख्त बंदूक कानूनों की वकालत की है, क्योंकि साजिद के पास कानूनी रूप से हथियार थे। पूरे देश में शोक और सतर्कता का माहौल है। जांच जारी है।





