चलती बस में दरिंदगी, भागने की कोशिश की तो... दिल्ली गैंगरेप मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही एक चलती बस में 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित सामूहिक बलात्कार हुआ। पीड़िता ने बस से भागने की कोशिश की तो आरोपियों ने फिर उसे पकड़ लिया और फिर…

दिल्ली गैंगरेप मामले में पुलिस ऐक्शन में है। ताबड़तोड़ कार्रवाई के साथ जांच भी तेज कर दी है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को सजा दिलाया जा सके। दिल्ली पुलिस के अनुसार, ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही एक चलती बस में 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित सामूहिक बलात्कार हुआ। पीड़िता ने बस से भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने फिर उसे पकड़ लिया और अंदर ही रखा। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि घटना बख्तावरपुर इलाके के पास हुई, जिसके बाद बस करीब 47 किलोमीटर चलकर कश्मीरी गेट पहुंची, जहां लड़की को छोड़ दिया गया। ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में आगे बढ़ाने की तैयारी चल रही है। जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी ने मामले के वैज्ञानिक पक्ष को मजबूत करने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को पत्र लिखकर स्पर्म, बालों के रेशे और अन्य जैविक नमूनों की प्राथमिकता पर जांच करने का अनुरोध किया है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान, बस से जुड़े साक्ष्य और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही चार्जशीट तैयार किया जाएगा।
पुलिस जांच में अब तक क्या मिला?
पुलिस जांच में अब तक यह संकेत मिला है कि कथित यौन उत्पीड़न बख्तावरपुर इलाके के पास हुआ। किशोरी ग्रेटर नोएडा के परी चौक से बस में चढ़ी थी। वह उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से आई थी और नोएडा के सेक्टर-63 स्थित अपने चाचा के घर पहुंचने की कोशिश कर रही थी। इलाके की सड़कों से अनजान होने के कारण उसने बस में बैठे लोगों से सेक्टर-63 का रास्ता पूछा। कथित तौर पर उसे बताया गया कि वाहन भी उसी दिशा में जा रहा है, जिसके बाद वह बस में सवार हो गई।
पीड़िता के पुलिस को दिए बयान के अनुसार, बस में बैठने के कुछ देर बाद उसे एहसास हुआ कि वाहन में कोई अन्य यात्री नहीं है। उसने बस से उतरने की कोशिश की, लेकिन कंडक्टर ने उसे वापस अंदर खींच लिया। इसके बाद बस चलती रही। परी चौक से बस बख्तावरपुर क्षेत्र की ओर बढ़ी। पीड़िता का आरोप है कि दो लोगों ने चलती बस के अंदर बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद बस दिल्ली की ओर रवाना हुई और कश्मीरी गेट क्षेत्र पहुंचने से पहले करीब 47 किलोमीटर की दूरी तय की। पुलिस के अनुसार, यहीं कथित तौर पर लड़की को बस से उतार दिया गया। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ऐक्शन में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया। और घटना से जुड़ी बस को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया।
वाहन सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन
पुलिस के अनुसार, इस मामले ने केवल अपराध की जांच तक सीमित न रहकर वाहन सुरक्षा, यात्री सुरक्षा व्यवस्था और नियामक अनुपालन को भी जांच के केंद्र में ला दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, बस ग्रेटर नोएडा, नोएडा और दिल्ली को जोड़ने वाले मार्गों से बिना किसी प्रभावी सुरक्षा या अनुपालन जांच के गुजरती रही। जांचकर्ताओं ने पाया कि बस में लगा सीसीटीवी कैमरा खराब था। वाहन पर गति सीमा उपकरणों, परमिट और अन्य निर्धारित आवश्यकताओं से जुड़े कथित उल्लंघनों सहित 11 लंबित यातायात चालान भी दर्ज हैं। आरोप है कि बस की खिड़कियों पर भारी पर्दे लगे थे, जिससे बाहर से यात्री डिब्बे के अंदर देखना मुश्किल था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यात्रा के समय जीपीएस या वाहन-ट्रैकिंग सिस्टम और पैनिक बटन जैसे अनिवार्य सुरक्षा तंत्र स्थापित और कार्यशील थे या नहीं। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यात्रा के दौरान कोई अलर्ट, लोकेशन डेटा या आपातकालीन संकेत उत्पन्न हुआ था अथवा नहीं। इन पहलुओं से यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि बस सामान्य यात्री सेवा के नियमों के अनुरूप चल रही थी या नहीं।
फोरेंसिक सबूत और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बस से जैविक नमूनों समेत फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मामले को अदालत में मजबूती से पेश करने के लिए जांचकर्ताओं से त्वरित वैज्ञानिक जांच और जल्द से जल्द रिपोर्ट प्राप्त करने का अनुरोध किया है। स्पर्म के नमूने, बालों के रेशे और अन्य जैविक साक्ष्य मामले के वैज्ञानिक आधार को तय करने में अहम माने जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, जब्त बस की तकनीकी स्थिति और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।


