विधानसभा चुनाव 2026: मतदान का महादिन, बंगाल-तमिलनाडु में आज वोटिंग; कौन मारेगा बाजी?
Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होगा। सुबह सात बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू होकर शाम छह बजे तक चलेगी। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक साथ मतदान होगा।

West Bengal and Tamil Nadu Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होगा। सुबह सात बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू होकर शाम छह बजे तक चलेगी। इस चरण में कुल 1478 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को हो गा। वहीं, आज तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक साथ मतदान होगा। तमिलनाडु में 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल के पहले चरण में उत्तर बंगाल के आठ, दक्षिण बंगाल के तीन और जंगलमहल क्षेत्र के पांच जिलों के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इन जिलों में पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना शामिल हैं। इसके अलावा कोलकाता और हावड़ा की कुछ सीटों पर भी मतदान हो रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, मुर्शिदाबाद की 22, कूचबिहार की 9, जलपाईगुड़ी की 7, अलीपुरद्वार की 5, कलिंपोंग की 1, दार्जिलिंग की 5, उत्तर दिनाजपुर की 9, दक्षिण दिनाजपुर की 6, मालदा की 12, बीरभूम की 11, पश्चिम बर्द्धमान की 9, पूर्व मेदिनीपुर की 16, पश्चिम मेदिनीपुर की 15, झाड़ग्राम की 4, पुरुलिया की 9 और बांकुरा की 12 सीटों पर आज मतदान पूरा होगा।
चुनावी मैदान में 1478 उम्मीदवार
पहले चरण में कड़े मुकाबले वाली प्रमुख सीटों में नंदीग्राम, खड़गपुर, पुरुलिया, बांकुरा और झाड़ग्राम शामिल हैं। राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होगा। शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भारी तैनाती की गई है। इस चरण में कुल 1478 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 1.84 करोड़ पुरुष, 1.74 करोड़ महिला और 465 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। पूरे पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं।
प्रदेश में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है। टीएमसी की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली, जबकि भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, शिवराज सिंह चौहान, पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने जोरदार प्रचार किया। कांग्रेस और वामपंथी दलों ने भी अपने उम्मीदवारों के समर्थन में सभाएं कीं।
तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर मतदानत
मिलनाडु में आज सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक चरण में मतदान होगा। राज्य में इस बार 5.67 करोड़ से अधिक मतदाता अपने वोट का अधिकार प्रयोग करेंगे, जिनमें 2.89 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में 75,032 मतदान केंद्र बनाएं हैं, जिनमें से 5,938 संवेदनशील घोषित किए गए हैं। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। राज्य भर में करीब 1.47 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जिनमें केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 295 कंपनियां (लगभग 23,000 जवान) शामिल हैं। इसके अलावा 20,000 से अधिक सेवानिवृत्त सैनिकों और वन रक्षकों को भी ड्यूटी सौंपी गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए 1,100 वाहनों में त्वरित प्रतिक्रिया दल तैयार रखे गए हैं।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु में कुल 4023 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। यहां मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन और अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन के बीच है। अभिनेता विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कषगम' ने कुछ सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला खड़ा कर दिया है। द्रमुक की ओर से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने स्टार प्रचारक की भूमिका निभाई, जबकि अन्नाद्रमुक की ओर से एडापट्टी के. पलानीस्वामी ने प्रचार की कमान संभाली। भाजपा गठबंधन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नितिन गडकरी ने धुआंधार प्रचार किया। प्रदेश में भ्रष्टाचार, तमिल स्वाभिमान और महिला आरक्षण जैसे मुद्दे चुनावी चर्चा के केंद्र में रहे।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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