असॉल्ट राइफल से लेकर गोला-बारूद तक, किसने चुराए भारतीय सेना के हथियार? गहराया राज
सिकंदराबाद कैंट में हथियार चोरी की जांच गहराती जा रही है। 20 मद्रास रेजिमेंट के वरिष्ठ अधिकारी से पूछताछ हुई है। जांच में आर्मरी के रिकॉर्ड कई महीनों से ठीक से मेंटेन नहीं होने की बात सामने आई है।

सिकंदराबाद कैंट में हथियार चोरी की जांच अब और गहराती जा रही है। सेना और तेलंगाना पुलिस ने 20 मद्रास रेजिमेंट की एक यूनिट के वरिष्ठ अधिकारी से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि पूछताछ की एक अहम वजह यह है कि आर्मरी के हथियारों से जुड़े बही-खाते या रजिस्टर कई महीनों से कथित तौर पर ठीक से मेंटेन नहीं किए गए थे।
तेलंगाना के सिकंदराबाद कैंट से 12 हथियार चोरी होने के मामले में जांच का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। चोरी हुए हथियारों में चार AK-203 असॉल्ट राइफल, सात पिस्टल और एक INSAS राइफल शामिल हैं। इसके अलावा 1,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद और पैसिव नाइट-विजन बाइनोकुलर्स की एक जोड़ी भी गायब मिली है।
सेना और तेलंगाना पुलिस कर रही पूछताछ
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 मद्रास रेजिमेंट की एक यूनिट के वरिष्ठ अधिकारी से भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। तेलंगाना पुलिस के अधिकारियों ने भी उनसे पूछताछ की है।
अधिकारी से पूछताछ की वजह आर्मरी के रिकॉर्ड से जुड़ी बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि आर्मरी की किताबें या रजिस्टर कथित तौर पर कई महीनों से ठीक तरह से मेंटेन नहीं किए गए थे।
31 अगस्त की सुबह सामने आया था मामला
हथियार चोरी का मामला 31 अगस्त को सुबह करीब 7:50 बजे सामने आया। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने मलकाजगिरी कमिश्नरेट के बोल्लाराम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के मुताबिक, जब गोला-बारूद रखने की जगह खोली गई तो वह खुली मिली और उसके ताले टूटे हुए थे। हथियारों और गोला-बारूद से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई तो रिकॉर्ड में दर्ज सामान में से कुछ के बारे में संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले।
हथियारों और गोला-बारूद की आखिरी बार भौतिक रूप से गिनती 30 अगस्त को शाम 6 बजे की गई थी। इसके बाद कोटे और बटालियन मैगजीन को बंद कर दिया गया था।
पहले 30-31 अगस्त की रात चोरी का था शक
पुलिस को शुरुआती तौर पर आशंका थी कि चोरी 30 और 31 अगस्त की दरम्यानी रात हुई होगी। लेकिन अब जांच इस सवाल पर भी केंद्रित है कि क्या हथियार कथित तौर पर ताले तोड़े जाने की घटना से पहले ही गायब हो गए थे।
सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि रिकॉर्ड ठीक से मेंटेन नहीं होने के कारण यह तय करना संभव नहीं था कि 30-31 अगस्त की रात से पहले हथियार मौजूद थे या नहीं। इसी वजह से पुलिस चोरी पहले होने की संभावना की भी जांच कर रही है।
‘कोटे की सुरक्षा हमेशा होती है’
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, कोटे की सुरक्षा हमेशा होती है और वहां तैनात गार्ड्स ने कहा है कि उन्होंने किसी तरह की सेंधमारी नहीं देखी। अधिकारी ने कहा कि गार्ड्स के इस बयान की जांच की जा रही है। इसी दौरान आर्मरी के रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि वे ठीक तरह से मेंटेन नहीं किए गए थे। अधिकारी के मुताबिक, आर्मरी में रखे हथियारों का हिसाब हर शाम किया जाना चाहिए।
चोरी हुए हथियारों की सूची
- 4 AK-203 असॉल्ट राइफल
- 7 पिस्टल
- 1 INSAS राइफल
- 1,000 से अधिक राउंड गोला-बारूद
- पैसिव नाइट-विजन बाइनोकुलर्स की 1 जोड़ी
जांच जारी है और सेना तथा तेलंगाना पुलिस मामले से जुड़े रिकॉर्ड और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।


