असम की सबसे युवा प्रत्याशी कुंकी चौधरी को पुलिस का समन, सीएम हिमंता सरमा से क्यों ठनी है?
असम जातीय परिषद की सबसे युवा उम्मीदवार कुंकी चौधरी को असम पुलिस ने समन किया। इसके बाद वह थाने में हाजिर हुईं। एजेपी ने आरोप लगाया है कि चुनाव की वजह से हिमंत सरमा की सरकार उन्हें डराने की कोशिश कर रही है।

असम जातीय परिषद (AJP) की असम की सबसे युवा प्रत्याशी 27 साल की कुंकी चौधरी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बीच ठनी हुई है। सीएम सरमा उनकी मां पर भी बीफ खाने और दिखावा करने का आरोप लगा चुके हैं। इसी बीच असम पुलिस ने गुवाहाटी सेंट्रल से पार्टी के उम्मीदवार कुंकी चौधरी को समन भेजा है। वहीं एजेपी ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) निर्वाचन क्षेत्र में अपने खिलाफ जनादेश को देख कर घबरा गई है।
थाने पहुंचीं कुंकी चौधरी
चुनाव संबंधी मामले में समन मिलने के बाद चौधरी सुबह पानबाजार पुलिस थाना पहुंचीं। उन्हें शनिवार को नोटिस देकर रविवार सुबह 11 बजे से पहले पुलिस के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था और ऐसा नहीं करने पर उनकी गिरफ्तारी की बात कही गई थी। कुंकी चौधरी करीब दो घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस थाना से बाहर आईं और वहां इंतजार कर रहे संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने जांच अधिकारी के सामने अपना बयान दर्ज कराया है।
आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप
बीजेपी कार्यकर्ता नबा कुमार लखकर ने नौ अप्रैल को मतदान के दिन चौधरी और उनके चुनाव प्रचार अभियान प्रबंधक संदीप यादव के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। कुमार ने आरोप लगाया गया था कि दोनों ने आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन किया और स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनावों के संचालन में बाधा डाली।
एजेपी बोली- डराया जा रहा है
एजेपी ने असम पुलिस द्वारा उसके उम्मीदवार का कथित 'उत्पीड़न' किए जाने की निंदा की और असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। वकील शांतनु बोरठाकुर ने पुलिस थाने के बाहर संवाददाताओं से कहा, 'प्राथमिकी में लगाए गए सभी आरोप जमानती हैं, इसलिए उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। वास्तव में, आरोप बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। एक मामला दर्ज किया गया है और इतने कड़े शब्दों में समन केवल परेशान करने के लिए जारी किया गया है।'
बीजेपी ने फैलाया डीपफेक वीडियो- AJP
उन्होंने सवाल किया कि अभी आदर्श आचार संहिता लागू है, और जब मुख्य सचिव सरकार चला रहे हैं, तो मुख्यमंत्री कथित तौर पर यह कैसे कह सकते हैं कि उन्होंने पुलिस भेजी थी? बोरठाकुर ने कहा, 'कुंकी ने चुनाव लड़ा और पूरे राज्य के लिए एक विमर्श तैयार किया, जो भाजपा के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। इसीलिए राजनीति से प्रेरित होकर यह मामला दर्ज किया गया है।''उन्होंने पुलिस से यह भी सवाल किया कि चौधरी द्वारा कथित तौर पर भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के सदस्यों द्वारा फैलाए गए 'डीप फेक' वीडियो के संबंध में दर्ज कराई गई शिकायत का क्या हुआ।
AJP से पहली बार चुनाव लड़ रही चौधरी उस समय विवाद में आ गईं, जब मुख्यमंत्री शर्मा ने कथित तौर पर 'बीफ' के सेवन को लेकर उनके माता-पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। हालांकि, चौधरी ने इन हमलों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। वह गुवाहाटी सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार गुप्ता के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। कुंकी चौधरी ने चार अप्रैल को मुख्यमंत्री शर्मा द्वारा उनकी मां की खान-पान की आदतों के बारे में किए गए दावों के बाद, सोशल मीडिया पर परिवार के बारे में कथित तौर पर 'डीप-फेक' प्रौद्योगिकी से तैयार मानहानिकारक वीडियो को लेकर पुलिस में शिकायत दर्जा कराई।
नवीनतम घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए, AJP के अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई ने कहा कि चौधरी को तलब करना ''चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण'' है। उन्होंने कहा, 'यह केवल किसी उम्मीदवार पर प्रशासनिक दबाव नहीं है, बल्कि यह असम में भाजपा द्वारा लोकतंत्र के दमन का ज्वलंत उदाहरण है। हिमंत विश्व शर्मा और भाजपा ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए प्रशासन और पुलिस का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक खतरनाक संकेत है।' गोगोई ने आरोप लगाया कि जब सत्तारूढ़ दल को सत्ता खोने का डर होता है, जब उसे यकीन हो जाता है कि जनता का वोट उसके खिलाफ गया है, तो भाजपा जैसी फासीवादी पार्टियां सत्ता को अपने कब्जे में रखने के लिए कुटिल रास्तों का सहारा लेती हैं।
उन्होंने कहा, 'हमारा सवाल यह है कि कुंकी चौधरी द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद डीप-फेक वीडियो प्रसारित करने वाले भाजपा समर्थकों को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है? असम पुलिस पक्षपातपूर्ण तरीके से व्यवहार क्यों कर रही है?' गोगोई ने आरोप लगाया कि गुवाहाटी सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र में AJP उम्मीदवार के उभरने और जीत से भयभीत भाजपा ने अब धमकी की राजनीति का सहारा लिया है।
उन्होंने कहा, ''लेकिन यह भी उतना ही सच है कि धमकियों से सच्चाई हमेशा के लिए नहीं छिप सकती। हम कुंकी चौधरी जैसी साहसी युवतियों को स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि आप अकेली नहीं हैं। असम में हजारों लोकतांत्रिक सोच वाले लोग कुंकी के साथ हैं। ये धमकियां असम जातीय परिषद के संघर्ष को और मजबूत करेंगी।' AJP ने बाद में शाम को एक बयान जारी कर बताया कि पार्टी ने इन घटनाओं के बारे में असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सूचित कर दिया है और उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है जो कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहे हैं। AJP ने आरोप लगाया गया कि खोवांग सहित अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी इसी तरह की उत्पीड़न की घटनाएं हुई हैं, जहां सरकार के इशारे पर पुलिस कार्रवाई के माध्यम से पार्टी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।'
लेखक के बारे में
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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