'भगवान ने बिरयानी खाने के लिए ही भेजा', असम के उपचुनाव में तीखी हुई जुबानी जंग
रकीबुल हुसैन ने अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि आमतौर पर बच्चे जन्म के बाद मां का दूध पीते हैं, लेकिन वह शायद पैदा होते ही चिकन बिरयानी खाते थे।इसके बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने नौगांव की रैली में हुसैन के बयान का जवाब दिया।

असम में नौगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव से पहले चुनाव प्रचार में बिरयानी, पुलाव, चिकन और सूखी मछली तक सियासी बहस का हिस्सा बन गए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन के बीच खाने को लेकर तीखी बयानबाजी हो रही है। रविवार को प्रचार का आखिरी दिन है और मतदान 6 अक्टूबर को होगा। चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में दोनों नेताओं के बीच शुरू हुई यह जुबानी जंग अब नौगांव की सियासी चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गई है। सरमा ने चुनावी रैली में हुसैन की तुलना पौराणिक पात्र बकासुर से की, जिसे बहुत ज्यादा खाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हुसैन दिन में कई बार मांस और पुलाव खाते हैं। सरमा ने उन पर सरकारी योजनाओं के लिए आए पैसे को पचा जाने का भी आरोप लगाया।
हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर रकीबुल हुसैन ने भी तंज भरे अंदाज में जवाब दिया। हुसैन ने कहा कि वह बिरयानी खाने के लिए ही दुनिया में आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भगवान ने उन्हें बिरयानी खाने के लिए इस दुनिया में भेजा और अल्लाह ने उन्हें जन्म से ही अमीर बनाया। हुसैन ने सरमा की पसंद काटा बिस्किट यानी रस्क को लेकर भी मजाक किया। उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसे खाने पर गुजारा करते हैं, वे पुलाव और बिरयानी का फर्क नहीं समझ सकते।
हिमंत बिस्वा सरमा ने किसे बताया जानवर
रकीबुल हुसैन ने अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि आमतौर पर बच्चे जन्म के बाद मां का दूध पीते हैं, लेकिन वह शायद पैदा होते ही चिकन बिरयानी खाते थे।इसके बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने नौगांव की चुनावी रैली में हुसैन के बयान का जवाब दिया। सरमा ने कहा कि जो लोग मां का दूध पीने के लिए पैदा होते हैं, वे इंसान होते हैं और जो बिरयानी खाने के लिए पैदा होते हैं, वे जानवर होते हैं। इस बयान के बाद AIUDF प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल भी इस जुबानी जंग में शामिल हो गए। अजमल ने हुसैन पर निशाना साधते हुए कहा कि रकीबुल हुसैन बिरयानी खाकर नहीं, बल्कि सूखी मछली खाकर पैदा हुए थे। उन्होंने हुसैन के जन्म से अमीर होने के दावे पर भी सवाल उठाया और कहा कि वह गरीब थे, तो उनके पास बिरयानी कहां से आती।
नौगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव में कड़ी टक्कर
नौगांव लोकसभा सीट पर यह उपचुनाव पहले से ही मुकाबले वाला माना जा रहा है। इस साल की शुरुआत में असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल होने के बाद यह सीट खाली हुई थी। बीजेपी ने नौगांव के पूर्व उपायुक्त देवाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने बतद्रवा की पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा को टिकट दिया है। AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल भी मैदान में हैं। अजमल पिछले लोकसभा चुनाव में धुबरी सीट से रकीबुल हुसैन से 10 लाख से ज्यादा वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हार गए थे।


