Assam Election Date: असम चुनाव की तारीख फाइनल, जानें कब डाले जाएंगे वोट
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में होने वाले इन चुनावों में कुल 17.4 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। इन पांच राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में कुल 824 विधानसभा क्षेत्र हैं, जबकि मतदान केंद्रों की संख्या लगभग 2.19 लाख होगी।

भारत निर्वाचन आयोग ने असम विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के अनुसार, असम में चुनाव एक चरण में होंगे। 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे जबकि मतगणना 4 मई को होगी। गौरतलब है कि असम का 20 मई को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि असम की 126 सीटों के लिए एक चरण में चुनाव नौ अप्रैल को कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा आयोग ने इन राज्यों का दौरा कर वहां के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों, राज्यों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद किया है।
चुनाव आयोग ने बताया कि इन सभी क्षेत्रों में मतदाता सूची के सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा एवं अन्य आवश्यक तैयारियों का व्यापक आकलन पूरा कर लिया है। चुनाव कार्यक्रम की विस्तृत घोषणा के बाद संबंधित राज्यों में आचार संहिता भी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के हालिया दौरों के दौरान इन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने बयान में कहा कि पिछले कुछ दिनों में हमने इन सभी पांच चुनाव वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया गया। आयोग ने विशेष रूप से उत्कृष्ट कार्य करने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को सम्मानित किया। साथ ही, युवा मतदाताओं, पहली बार वोट डालने वालों और स्वीप (SVEEP) कार्यक्रम के आइकनों से भी बातचीत की, जो मतदाता जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जैसा कि सभी जानते हैं, ये पांच राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भारत के विविध भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परिदृश्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। यहां होने वाले विधानसभा चुनाव न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक समृद्धि, एकता में विविधता और राष्ट्रीय एकजुटता को भी उजागर करते हैं। चुनाव आयोग इन दौरों के माध्यम से मतदाता सूची संशोधन (SIR), बूथ स्तर की तैयारियां और जागरूकता अभियानों पर विशेष फोकस कर रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विधानसभा चुनावों को 'लोकतंत्र का त्योहार' करार देते हुए कहा कि यह देश का गौरव है। असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में होने वाले इन चुनावों में कुल 17.4 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। इन पांच राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में कुल 824 विधानसभा क्षेत्र हैं, जबकि मतदान केंद्रों की संख्या लगभग 2.19 लाख होगी। चुनाव प्रक्रिया में करीब 25 लाख कर्मचारी शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल अलग-अलग तिथियों पर समाप्त हो रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को, तमिलनाडु का 10 मई को, असम का 20 मई को, केरल का 23 मई को और पुडुचेरी का 15 जून को खत्म हो रहा है।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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