'अगर मैं गलत तो केस कर दो'; असम CM हिमंत की गौरव गोगोई को चुनौती, क्या मामला?
Himanta Biswa Sarma: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई को एक बार फिर से पाकिस्तानी एजेंट बताया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें इस बात से दिक्कत है, तो वह उनके खिलाफ अदालत जाने के लिए तैयार हैं।

Himanta Biswa Sarma: असम में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा ने एक बार फिर से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर 'पाकिस्तानी एजेंट' वाला हमला बोलते हुए उन्हें कानूनी कार्रवाई करने की चुनौती दी है। सरमा ने दावा किया कि गोगोई पाकिस्तानी एजेंट है और उनकी पत्नी पाकिस्तानी हैं। सरमा पिछले काफी समय से गोगोई के खिलाफ इस तरह के हमले करते आ रहे हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने गोगोई पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर मेरे दावों से उन्हें आपत्ति है कि तो वह अदालत का रुख करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा, "अगर उन्हें लगता है कि मैं गलत हूं, तो वे मेरे खिलाफ मामला दर्ज कर सकते हैं। मैं डरता नहीं हूं।" इस बयान से असम में सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से ही चल रही तीखी राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके बुधवार को उन्होंने गोगोई की राजनीतिक विश्वसनीयता और राज्य में उनकी जड़ों पर सवाल उठाते हुए उन पर असम की राजनीति और समाज की कम समझ होने का आरोप लगाया। सरमा ने गोगोई को असम की राजनीति में "पर्यटक" बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता थोड़े समय के लिए राज्य का दौरा करते हैं और फिर जमीनी हकीकत को समझे बिना राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। सरमा ने कहा, "वे एक पर्यटक की तरह असम आते हैं और फिर यहां की राजनीति की बातें करते हैं। अगर कोई उनसे ऊपरी असम के तिनसुकिया जिले से गोलाघाट जिले तक के निर्वाचन क्षेत्रों के नाम पूछे, तो वे ठीक से जवाब नहीं दे पाएंगे।"
आपको बता दें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब राज्य में चुनाव नजदीक है। पिछले दिनों गोगोई ने कहा था कि कांग्रेस अगले विधानसभा चुनावों में ऊपरी असम में 50 सीटें जीतेगी। सरमा ने कहा कि यह बयान ही गोगोई की अज्ञानता को उजागर करता है और बताया कि ऊपरी असम में केवल 42 विधानसभा क्षेत्र हैं। सरमा ने कहा, "यह दर्शाता है कि वे असम की राजनीतिक वास्तविकता से कितने कटे हुए हैं।"
मुख्यमंत्री ने गोगोई द्वारा बार-बार ग्रेटर असम के निर्माण की बात करने पर भी सवाल उठाया, जिसका इस्तेमाल कांग्रेस नेता ने हाल के भाषणों में समावेशी राजनीति का संकेत देने के लिए किया है। सरमा ने कहा, "वे एक ऐसे ग्रेटर असम के निर्माण की बात करते हैं जिसमें सभी समुदाय और धर्म शामिल हों, लेकिन उनके अपने बच्चे असमिया नहीं हैं। वह बीओआर असम की बात तो करता है, लेकिन उसने बुनियादी मानदंडों को भी पूरा नहीं किया है। वह अपने बच्चों की नागरिकता की स्थिति भी नहीं बदल सका।”
गोगोई को एक गंभीर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानने से इनकार करते हुए, सरमा ने जनता को कांग्रेस नेता के बयानों को नजरअंदाज करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “लोगों को उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि वे किसी गंभीर मुद्दे पर बोलते हैं।”
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
और पढ़ें


