रेल मंत्री ने किया पहली वंदे भारत स्लीपर का निरीक्षण, कब से पकड़ेगी रफ्तार
गुवाहाटी से कोलकाता के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने वाली है। शनिवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इसका निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बेहद बारीकी के साथ इस ट्रेन को देखा।

गुवाहाटी से कोलकाता के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने वाली है। शनिवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इसका निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बेहद बारीकी के साथ इस ट्रेन को देखा। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से भी लगातार बात की। बीच-बीच में रुककर वह कपलिंक के पास लगाई गई शीट को भी देख रहे थे। इसके अलावा इंजन के पास पहुंचने के बाद उन्होंने रक्षा कवच के बारे में कुछ देर तक बातचीत की। इसके बाद वह ट्रेन के इंजन में भी गए। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने के अंत में गुवाहाटी और कोलकाता के बीच बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।
कुल कितनी यात्री क्षमता
बता दें कि 16 डिब्बों वाली इस ट्रेन की यात्री क्षमता 823 है। इसकी डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है। कुछ दिन पहले ही इसकी टेस्टिंग हुई थी। हालांकि फिलहाल इसकी रफ्तार 120-130 किलोमीटर प्रति घंटे ही रहेगी। यह असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख जिलों को कवर करेगी। दोनों राज्यों में इस साल चुनाव होने वाले हैं। वंदे भारत में थर्ड एसी का किराया भोजन सहित लगभग 2,300 रुपए, सेकंड एसी का लगभग 3,000 रुपए और फर्स्ट एसी का लगभग 3,600 रुपए होगा। ये किराए मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तय किए गए हैं।
क्या है इसकी खासियत
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 11 डिब्बे थर्ड एसी, चार डिब्बे सेकंड एसी और एक डिब्बा फर्स्ट एसी शामिल हैं। कुल 823 सीटों में से 611 थर्ड एसी में, 188 सेकंड एसी में और 24 फर्स्ट एसी में हैं। इसकी अन्य सुविधाओं में बेहतर कुशनिंग के साथ एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए बर्थ। सुगम आवागमन के लिए वेस्टिब्यूल वाले ऑटोमैटिक दरवाजे, बेहतर सस्पेंशन और शोर कम करके बेहतर यात्रा आराम, स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच), आपातकालीन टॉक-बैक प्रणाली और उच्च स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए कीटाणुनाशक तकनीक शामिल हैं। यह कीटाणुनाशक तकनीक 99.9 प्रतिशत रोगाणुओं को नष्ट कर देगी। इसी तकनीक का उपयोग वंदे भारत चेयर-कार संस्करण में भी किया जा रहा है।





