अशोका यूनिर्विसिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को बड़ी राहत, बंद होगा केस

Mar 16, 2026 11:31 am ISTSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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हरियाणा सरकार ने कहा कि हमने अली खान महमूदाबाद के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं दी है। सरकार की इस टिप्पणी के बाद कोर्ट ने कहा कि फिर तो चैप्टर क्लोज ही हो गया है। अब केस बंद कर सकते हैं। बता दें कि अली खान महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी की थी, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

अशोका यूनिर्विसिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को बड़ी राहत, बंद होगा केस

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर टिप्पणी किए जाने के मामले में अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे केस को बंद करने का आदेश दिया है। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की ओर से किए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले को उन्होंने अदालत में चुनौती दी थी। आज इस केस में हरियाणा सरकार ने कहा कि हमने अली खान महमूदाबाद के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं दी है। सरकार की इस टिप्पणी के बाद कोर्ट ने कहा कि फिर तो चैप्टर क्लोज ही हो गया है। अब केस बंद कर सकते हैं।

हरियाणा सरकार ने इस मामले में कहा कि हम एक बार के लिए उदारता दिखाते हैं। इसके साथ ही यह चेतावनी भी दी जाती है कि प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद फिर से ऐसा नहीं करेंगे। हरियाणा सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि यह पहला मामला है। इसलिए हम उदारता दिखाते हुए केस चलाने को मंजूरी नहीं दे रहे हैं। इस तरह यह प्रकरण समाप्त होता है। उन्हें इस बात की चेतावनी दी जानी चाहिए कि ऐसा फिर कभी नहीं करेंगे। 3 मार्च, 2026 को केस चलाने की अनुमति ना देने वाला आदेश जारी कर दिया गया है।

इस पर महमूदाबाद के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि हम आपके आभारी हैं कि इस तरह का फैसला आपने लिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कई बार कुछ अस्पष्ट लिखना ज्यादा समस्या बढ़ा देता है। कई बार स्थिति ज्यादा संवेदनशील होती है। इसलिए हमें सावधान रहने की जरूरत है। याची अली खान महमूदाबाद को लेकर शीर्ष अदालत ने कहा कि वह काफी पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं। उन्हें भविष्य में परिपक्वता दिखानी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को दिया था 6 महीने का वक्त

इससे पहले जनवरी में अदालत ने हरियाणा सरकार को 6 सप्ताह का वक्त दिया था कि वह विचार करे कि महमूदाबाद के खिलाफ केस वापस लिया जा सकता है या नहीं। वहीं चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा था कि पहली बार की बात है तो हम राहत देने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन यह भी उम्मीद है कि भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे। इसके साथ ही हरियाणा सरकार से पूछा था कि पहली बार का मामला है तो क्या उदारता दिखाते हुए केस बंद नहीं किया जा सकता। अब इस मामले में सुनवाई फिर से हुई तो हरियाणा सरकार ने कहा कि हम उदारता दिखाने को तैयार हैं। बस इतना होना चाहिए कि अली खान महमूदाबाद को चेतावनी दी जाए कि वह भविष्य में ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

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