Hindi NewsIndia NewsAsaduddin Owaisi tweets at least 16 Indian nationals were promised jobs in Thailand
म्यांमार-थाईलैंड बॉर्डर पर कैसे फंस गए 16 भारतीय; 20 घंटे काम के लिए मजबूर, पासपोर्ट-फोन जब्त

म्यांमार-थाईलैंड बॉर्डर पर कैसे फंस गए 16 भारतीय; 20 घंटे काम के लिए मजबूर, पासपोर्ट-फोन जब्त

संक्षेप:

ओवैसी ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है ताकि सभी भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके। पीड़ित मीर सज्जाद अली की मां नाजिया फातिमा ने बताया कि उनका बेटा 6 महीने पहले विदेश गया था।

Jan 23, 2026 09:44 am ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना के बारे में बताया। 16 भारतीय नागरिकों को थाईलैंड में नौकरी का वादा करके म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर ले जाया गया और गुलामी में फंसा दिया गया है। इनमें हैदराबाद के तीन लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों को रोजाना 18-20 घंटे काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, शारीरिक यातना दी जा रही है और उनके पासपोर्ट, फोन व मेडिकल सुविधाएं छीन ली गई हैं। ओवैसी ने इस जानकारी को हैदराबाद के उस्मान नगर निवासी मीर सज्जाद अली से हासिल किया, जो वर्तमान में वहां कैद हैं। उनके साथ मौला अली और बंजारा हिल्स के दो अन्य व्यक्ति भी हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें
ये भी पढ़ें:यूरोप बन रहा खालिस्तानियों का ठिकाना, इस देश में दूतावास पर हमला; ऐक्शन में भारत

असदुद्दीन ओवैसी ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है ताकि सभी भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके। पीड़ित मीर सज्जाद अली की मां नाजिया फातिमा ने एएनआई से बातचीत में बताया कि उनका बेटा 6 महीने पहले विदेश गया था और कहा कि वह नौकरी के लिए जा रहा है। डेढ़ महीने बाद संपर्क टूट गया, फिर दो महीने बाद फोन आया। उसने बताया कि उन्हें थाईलैंड बुलाकर आंखों पर पट्टी बांधकर जबरन काम पर लगाया गया। वहां सेना पहुंची और उनके फोन व सामान छीन लिए गए। नाजिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओवैसी और जयशंकर से अपील की है कि उनके बेटे को वापस लाया जाए।

विदेशी नागरिकों को अवैध कार्यों में लगाया

इस घटना ने मानव तस्करी और विदेशी नौकरी घोटालों की समस्या को फिर से उजागर किया है, जहां भोले-भाले युवाओं को झूठे वादों से फंसाया जाता है। यह घटना म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर हो रही मानव तस्करी की समस्या से जुड़ी है, जहां विदेशी नागरिकों को अवैध कार्यों में लगाया जाता है। ओवैसी की अपील के बाद विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में इसकी चर्चा हुई है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां भारतीयों को म्यांमार में फंसाया गया और दूतावास की मदद से बचाया गया।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।