शरद पवार नहीं बन पाएंगे इस बार सांसद? ओवैसी ने दिग्गज के भविष्य पर उठाए सवाल

Jan 05, 2026 09:18 am ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

Rajyasabha Election: चुनावों का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि इसमें कई नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें केंद्र सरकार में मंत्री और कई प्रमुख नेता शामिल है। अगर मंत्री फिर से चुनकर नहीं आते हैं तो उनका सरकार में रहना मुश्किल हो जाएगा और अन्य प्रमुख नेताओं के लिए भी दिक्कतें बढ़ेगी।

शरद पवार नहीं बन पाएंगे इस बार सांसद? ओवैसी ने दिग्गज के भविष्य पर उठाए सवाल

Rajyasabha Election: लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वरिष्ठ नेता शरद पवार के संसदीय भविष्य को लेकर बड़ा दावा कर दिया है। उन्होंने रविवार को कहा कि पवार के पास दोबारा राज्यसभा में जाने के लिए जरूरी विधायक नहीं है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि आने वाले समय में इसे लेकर बड़ा 'तमाशा' होगा। AIMIM चीफ की तरफ से यह दावा ऐसे समय पर किया गया है, जब महाराष्ट्र में BMC समेत कई बड़े निकायों के चुनाव होने हैं। पवार का कार्यकाल मार्च में खत्म हो रहा है।

ओवैसी ने कहा, 'पवार साहब का राज्यसभा टर्म कब तक का है? मार्च तक। उसके पास उनके पास ताकत कहां है। उनके गठबंधन में इतने विधायक कहां हैं। अगर वह जाते हैं, तो कैसे जाएंगे। यह तो उनको पूछना चाहिए...। अगर वह दोबारा राज्यसभा जाएंगे पवार साहब तो कैसे जाएंगे? नंबर चाहिए न। तो पता चल जाएगा आपको। अभी तमाशा होगा देखिए।'

कई दिग्गजों का कार्यकाल पूरा होगा

इन राज्यसभा चुनावों का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि इसमें कई नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें केंद्र सरकार में मंत्री एवं विभिन्न दलों के प्रमुख नेता शामिल है। अगर मंत्री फिर से चुनकर नहीं आते हैं तो उनका सरकार में रहना मुश्किल हो जाएगा और अन्य प्रमुख नेताओं के लिए भी दिक्कतें बढ़ेगी।

जिन प्रमुख नेताओं कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा, दिग्विजय सिंह, शरद पवार, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बी एल बर्मा, जॉर्ज कुरियन आदि शामिल है। इनके अलावा प्रेमचंद गुप्ता, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा, प्रियंका चतुर्वेदी, रामदास अठावले, रामगोपाल यादव, नीरज शेखर, राम जी, शक्ति सिंह गोहिल, अभिषेक मनु सिंघवी, थंबी दुरई, तिरुचि शिवा और मनोनीत सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई शामिल है।

सबसे ज्यादा दस सीटें उत्तर प्रदेश में रिक्त होंगी

2026 में जिन 72 सीटों के लिए चुनाव होंगे उनमें अप्रैल में 37 सीटों के लिए, जून में 23 सीटों के लिए, जुलाई में एक सीट के लिए और नवंबर में 11 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। अप्रैल माह में जिन 37 सीटों के लिए चुनाव होंगे, उनमें असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल शामिल है, जबकि नवंबर में होने वाले 11 सीटों के चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश की 10 सीटें होगी। इसके अलावा जून में होने वाले 23 सीटों के चुनाव में आंध्र प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य हैं।

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।