तुम मुसलमान होते तो..., अजित पवार से बोले ओवैसी; लगाए परिवार को धोखा देने के आरोप
एक दिन पहले ही असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एसपी चीफ शरद पवार के राज्यसभा जाने पर सवाल उठा दिए थे। उन्होंने दावा किया था कि सीनियर पवार के पास जरूरी संख्याबल नहीं है। पवार का राज्यसभा कार्यकाल मार्च में पूरा हो रहा है।

लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर परिवार को धोखा देने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि जो शरद पवार का नहीं हुआ, वह नांदेड़ का क्या होगा। इस दौरान उन्होंने पूर्व सीएम अशोक चव्हाण पर भी जमकर निशाना साधा। महाराष्ट्र में 15 जनवरी को स्थानीय चुनाव के लिए मतदान होगा।
AIMIM यानी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख ओवैसी ने कहा, 'सैयद मोईन और फिरोज लाला कह रहे थे कि अजित पवार के भी उम्मीदवार हैं। अजित पवार तुम शरद पवार के नहीं हुए, तो नांदेड़ के क्या हो सकते हो। जो आदमी तुम को पाल पोस कर बड़ा किया, तुमको मुकाम दिया, तुमको इज्जत दिया, तुम उसी को घर में बिठाकर आगे बढ़ गए। यह अजित पवार की पहचान है।'
घोटाले के आरोपों पर भी घेरा
ओवैसी ने कहा, 'खुद खड़े होकर बोलता है कि 75 हजार करोड़ रुपये के गबन के इल्जाम हैं मुझपर, क्या हुआ। हां अजित पवार, तुम्हारा नाम अजित पवार है, कोई मुसलमान का नाम होता तो तुम 75 साल जेल में रहते। ये फर्क है, जो सत्ता में रहता है और जो मजलूम मुसलमान होता है।'
शरद पवार के राज्यसभा जाने पर भी उठा दिए थे सवाल
एक दिन पहले ही ओवैसी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एसपी चीफ शरद पवार के राज्यसभा जाने पर सवाल उठा दिए थे। उन्होंने दावा किया था कि सीनियर पवार के पास जरूरी संख्याबल नहीं है। पवार का राज्यसभा कार्यकाल मार्च में पूरा हो रहा है।
ओवैसी ने कहा था, 'पवार साहब का राज्यसभा टर्म कब तक का है? मार्च तक। उसके पास उनके पास ताकत कहां है। उनके गठबंधन में इतने विधायक कहां हैं। अगर वह जाते हैं, तो कैसे जाएंगे। यह तो उनको पूछना चाहिए...। अगर वह दोबारा राज्यसभा जाएंगे पवार साहब तो कैसे जाएंगे? नंबर चाहिए न। तो पता चल जाएगा आपको। अभी तमाशा होगा देखिए।'

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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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