सोनम वांगचुक से मिलने जा रहे विपक्ष के बड़े नेता, 17 दिन भूखे रहने के बाद कैसी है तबीयत
बीते 24 दिनों से सीजेपी का प्रदर्शन लगातार चल रहा है। दीपके ने सवाल उठाया कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन और भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की बिगड़ती सेहत के बावजूद सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत क्यों शुरू नहीं की।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के चल रहे विरोध प्रदर्शन को अपनी पार्टी का समर्थन दिया। और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की। केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह गुरुवार शाम पांच बजे जंतर-मंतर जाकर वांगचुक और कॉजपा के प्रदर्शन को समर्थन देंगे।
उन्होंने कहा, 'सोनम वांगचुक कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है। वह देश की धरोहर हैं। मैं उनसे अपील करता हूं कि वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त करें। संघर्ष के और भी तरीके हो सकते हैं।' दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सीजेपी के प्रदर्शन और उसकी मांगों का समर्थन करती है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा देने की भी मांग की।
सुधार की मांग
केजरीवाल ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने और भविष्य में छात्रों को परेशानियों से बचाने के लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाना चाहिए। वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इससे पहले AAP की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को जंतर-मंतर पर वांगचुक से मुलाकात की थी।
अब कैसी है तबीयत
पीटीआई भाषा के मुताबिक, आयोजकों ने बताया है कि अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान सोनम वांगचुक का वजन 8.2 किलोग्राम घट गया है और उनका रक्तचाप भी गिरकर 107/70 एमएमएचजी रह गया है। उनकी ब्लड ग्लूकोज का स्तर भी घटकर 67 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया है। वह लगातार डॉक्टरों की निगरानी में बने हुए हैं।
विपक्ष के नेताओं ने की अपील
हाल ही में विपक्ष के कई नेताओं ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है। इनमें लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा, अखिलेश यादव और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल हैं।
अखिलेश यादव ने लिखा, 'श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वह अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है, क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी लोकतंत्र के लिए।'
महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, 'सोनम सर आपके अनशन ने देश के युवाओं को उनके न्याय के संघर्ष में एकजुट कर दिया है। आपका मकसद पूरा हो गया है। सरकार को आपके जीवन या उन करोड़ों युवाओं की कोई भी चिंता नहीं है। लेकिन आपका जीवन हमारे लिए मायने रखता है। प्लीज अपना अनशन खत्म कर दें और लड़ाई को जारी रखें।'
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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