भूगोल से मिटा देने की बात कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं, भारतीय आर्मी चीफ की चेतावनी से PAK को लगी मिर्ची

Upendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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आतंकवाद को लेकर सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी। अब पाकिस्तान की तरफ से उसका जवाब आया है। मुनीर सेना ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के महत्व को समझना चाहिए और शांति पूर्ण सह अस्तित्व की तरफ देखना चाहिए।

भूगोल से मिटा देने की बात कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं, भारतीय आर्मी चीफ की चेतावनी से PAK को लगी मिर्ची

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में पाकिस्तान को आतंकवाद को लेकर चेतावनी दी थी। अब पाकिस्तान की तरफ से इस पाकिस्तान की तरफ से इस पर जवाब आया है। मुनीर सेना ने सेना प्रमुख के इस बयान की आलोचना करते हुए इसे उकसाने वाला बताया और नई दिल्ली से शांति पूर्ण तरीके से सह-अस्तित्व पर कायम रहने की अपील की। दरअसल, सेना प्रमुख ने शनिवार को कहा था कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना बंद नहीं करता है, तो उसे तय करना होगा कि 'वह भूगोल का हिस्सा बनना चाहता है या फिर इतिहास का।'

सेना प्रमुख के इस बयान की धमक पाकिस्तान को जमकर सुनाई दी। इस पर जवाब देते हुए पाकिस्तानी सेना की तरफ से कहा गया कि दो जिम्मेदारी परमाणु शक्ति संपन्न देशों को संयम, परिपक्वता और रणनीतिक संतुलन का परिचय देना चाहिए। पाकिस्तान की तरफ से कहा गया, "किसी संप्रभु परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी देश को भूगोल से मिटा देने की धमकी देना कोई रणनीतिक संकेत या शक्ति प्रदर्शन नहीं है। भारत को पाकिस्तान के महत्व को स्वीकार करना चाहिए और शांति पूर्ण सह-अस्तित्व सीखना चाहिए।"

विडंबना है कि शांति पूर्ण सह-अस्तित्व की बात वह पाकिस्तानी सेना कर रही है, जो खुले आम आतंकवादियों को शरण देने की बात स्वीकार करती है। इतना ही नहीं अपने सैनिकों को भारत की धरती में भेजकर उनकी डेडबॉडी लेने से भी इनकार कर चुका है।

पाकिस्तान की भारत को गीदड़-भभकी

जनरल द्विवेदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी सेना ने कहा, "दक्षिण एशिया को एक और संकट या युद्ध में धकेलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। क्योंकि अगर ऐसा होता है, तो इसके परिणाम पूरे क्षेत्र के लिए और बाहरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होंगे। अगर पाकिस्तान को निशाना बनाने की किसी भी कोशिश के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। यह न तो भौगोलिक सीमाओं तक सीमित रहेंगे और न ही भारत के लिए रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सही होंगे।"

गौरतलब है कि यह पूरी बयानबाजी ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने के ऊपर हो रही है। पिछले साल अप्रैल में पाकिस्तानी आतंकियों ने भारत की धरती में आकर 26 पर्यटकों को धर्म पूछकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाते हुए पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला बोला था। भारत के इस हमले में पाकिस्तान के करीब 100 आतंकवादी मारे गए थे। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू हो गया था।

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लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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