88 घंटे के बाद रुकना... ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी का बड़ा बयान
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक बार फिर से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने पूरी सटीकता के साथ पाकिस्तान की गहराई में जाकर हमला किया। 88 घंटे की कार्रवाई के बाद अपनी सूझबूझ से युद्धविराम किया।

पाकिस्तान के आतंकियों द्वारा पहलगाम में किए गए हमले के बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। अब इस ऑपरेशन को लेकर सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बड़ा खुलास किया है। उन्होंने कहा कि ऑपरशन सिंदूर भारतीय सेना की सटीकता और सूझबूझ का उदाहरण था। इस ऑपरेशन में सेना ने चार दिनों तक लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों से पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला किया था।
थिंक टैंक सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बात करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान के उस झूठे व्लफ को तोड़ दिया, जिसमें वह न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग करता था। उन्होंने कहा, "इस ऑपरेशन में हमने पाकिस्तान में गहराई से हमला किया था। पाकिस्तानी आतंकवादी ढांचों को नष्ट किया और फिर एक उद्देश्यपूर्ण तरीके से हमने अपना अभियान रोक दिया।"
सेना प्रमुख ने कहा कि एक समय के बाद युद्ध को अपने तरीके से रोक देना समझदारी और सूझबूझ का परिचय देना होता है। उन्होंने कहा, "88 घंटे के संघर्ष के बाद जानबूझकर रुकना स्मार्ट पावर का सबसे पूर्ण उदाहरण था। यह ऑपरेशन यह दिखाता है कि हमने पूरी समझ के साथ कि साधन का उपयोग किया। उचित तीव्रता के साथ किया और फिर अपने अनुसार सैन्य संघर्ष को रोक दिया।"
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब भारतीय सुरक्षा अधिकारियों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर को रोके जाने को लेकर बयान दिया गया हो। इससे पहले वायुसेना प्रमुख ने भी इस बात को कहा था कि किसी भी युद्ध को कैसे खत्म करना है यह दुनिया को भारत से सीखना चाहिए। हमने अपने उद्देश्य को पूरा किया और बिना किसी लंबे संघर्ष में उलझे हुए अपनी शर्तों पर युद्धविराम कर लिया।
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस बात तो दोहराया था कि ऑपरेशन सिंदूर भारत के सामूहिक संकल्प और नई सैन्य सोच का संकेत है। उन्होंने कहा था कि “कम समय की, गहरी पैठ वाली, उच्च तीव्रता और उच्च प्रभाव वाली कार्रवाई” ने पाकिस्तान को झुकने पर मजबूर कर दिया।
बता दें, पिछले साल अप्रैल के महीने में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद 7 मई को भारतीय सेना ने कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पाकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों पर सटीकता से मिसाइल हमला किया। इस हमले के बाद पाकिस्तान भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने उसे नाकाम कर दिया। अगले तीन दिनों तक दोनों देशों के बीच में संघर्ष जारी रहा। इसके बाद पाकिस्तानी डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष को फोन लगाकर युद्धविराम की पेशकश की और दोनों के बीच में युद्ध विराम हो गया। हालांकि, इस युद्ध विराम का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी लेने की कोशिश की, लेकिन भारत की तरफ से साफ कर दिया गया कि यह द्विपक्षीय मामला है।
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लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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