भारत के लिए एक और खुशखबरी, होर्मुज पार कर मुंबई पहुंचा जहाज 'ग्रीन आशा'; लाया कितना LPG

Pramod Praveen एएनआई, मुंबई
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एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस जहाज में 15,400 टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लदी हुई है। बयान में कहा गया है कि जहाज़, उसमें लदा माल और चालक दल का प्रत्येक सदस्य पूरी तरह सुरक्षित है।

भारत के लिए एक और खुशखबरी, होर्मुज पार कर मुंबई पहुंचा जहाज 'ग्रीन आशा'; लाया कितना LPG

ईरान युद्ध में सीजफायर के मुद्दे पर एक तरफ जहां अमेरिका-ईरान और पाकिस्तान उलझा हुआ है तो दूसरी तरफ भारत चुपचाप अपने कूटनीतिक और रणनीतिक एजेंडे पर लगातार आगे बढ़ रहा है। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि भारतीय झंडे वाला जहाज 'ग्रीन आशा' सुरक्षित रूप से मुंबई पहुँच गया है। इस जहाज ने 5 अप्रैल को होर्मुज़ समुद्री मार्ग को पार किया था और चार दिन बाद मुंबई पोर्ट पर पहुंचा है। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) ने LPG लदे इस जहाज का पहुंचने पर स्वागत किया है।

'ग्रीन आशा' नामक भारतीय ध्वज वाले जहाज ने रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज़ स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। यह जहाज़ बीपीसीएल-आईओसीएल द्वारा संचालित लिक्विड बर्थ पर लंगर डाल चुका है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस जहाज में 15,400 टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लदी हुई है। बयान में कहा गया है कि जहाज़, उसमें लदा माल और चालक दल का प्रत्येक सदस्य पूरी तरह सुरक्षित है।

पोर्ट पर लंगर डाल चुका जहाज

ऑनलाइन सामने आए दृश्यों में जहाज़ को बंदरगाह पर लंगर डाले हुए दिखाया गया है, जहां चालक दल के सदस्य हाथ हिलाकर अभिवादन कर रहे हैं। यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में लागू एक नाजुक संघर्ष विराम के दौरान सामने आया है। एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, जहाज़रानी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि इस क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय झंडे वाले जहाज़ों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।

UAE जा रहे जयशंकर

उन्होंने आगे कहा कि जहाज़रानी महानिदेशालय (DG Shipping) जहाज़ मालिकों, भर्ती और प्लेसमेंट सेवा लाइसेंस (RPSL) एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय में घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहा है। उन्होंने बताया, "DG Shipping कंट्रोल रूम ने शुरू होने के बाद से 5,647 कॉल और 12,043 ईमेल संभाले हैं, जिसमें पिछले 24 घंटों में 166 कॉल और 317 ईमेल शामिल हैं। DGS ने अब तक 1,803 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी में भी मदद की है, जिसमें पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से 49 नाविक शामिल हैं।" ब्रीफिंग में यह जानकारी भी दी गई कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 11-12 अप्रैल 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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