तमिलनाडु चुनाव में अन्नामलाई को टिकट नहीं, साइडलाइन हो गए 'सिंघम' या कोई नई रणनीति?

Upendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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Tamil Nadu Assembly elections: तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अन्नमलाई को विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं मिला है। हालांकि, उन्होंने खुद इस बात की पुष्टि की है कि वह इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। एक कार्यकर्ता के रूप में वह पार्टी की मदद करेंगे।

तमिलनाडु चुनाव में अन्नामलाई को टिकट नहीं, साइडलाइन हो गए 'सिंघम' या कोई नई रणनीति?

तमिलनाडु में चुनावी प्रचार अपने उफान पर है। पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर रही हैं और एक-दूसरे पर निशाना साध रही है। भाजपा ने भी इसी क्रम में अपने 27 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस लिस्ट में प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष और तमिलनाडु में भाजपा का प्रमुख चेहरा माने जाने वाले अन्नामलाई का नाम नहीं है। ऐसे में सवाल उठे कि क्या भाजपा नेतृत्व ने अपनी सहयोगी एआईडीएमके को खुश करने के लिए अन्नामलाई को टिकट नहीं दिया है? क्योंकि पूर्व आईपीएस अधिकारी और एआईडीएमके के बीच की खींचतान जगजाहिर है। इन सभी सवालों का जवाब अन्नामलाई ने खुद दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस बार का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। एक कार्यकर्ता के रूप में पार्टी का सहयोग करेंगे।

अन्नामलाई और एआईडीएमके के बीच की लड़ाई।

तमिलनाडु में राजनीतिक जमीन तलाश रही भाजपा को आईपीएस से नेता बने अन्नमलाई के रूप में एक उम्मीद नजर आई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अन्नामलाई ने राज्य में जमकर प्रचार किया। इस प्रचार के दौरान ही उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिन्होंने एआईडीएमके को नाराज कर दिया। आक्रामक रणनीति बनाकर राज्य में जमीन बनाने की कोशिश कर रहे अन्नामलाई ने बयान वापस लेने से इनकार कर दिया। इसकी वजह से भाजपा और एआईडीएमके के रास्ते अलग हो गए। लोकसभा चुनाव के परिणाम दोनों पार्टियों के लिए निराशाजनक सिद्ध हुए। इसके बाद विधानसभा के लिए पार्टियां एक साथ आईं लेकिन अन्नामलाई को अपनी अध्यक्ष की कुर्सी गंवानी पड़ी।

चुनावी भूमिका से बनाई दूरी।

भाजपा और एआईडीएमके इस विधानसभा चुनाव को एक साथ मिलकर लड़ रहे हैं। शुरुआत में अन्नामलाई को 6 सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन कुछ दिनों के बाद ही उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए इससे भी दूरी बना ली। हालांकि, अंदरखाने के सूत्रों के मुताबिक अन्नमलाई की मौजूदगी से गठबंधन में असंतोष की स्थिति पैदा हो रही थी। इस वजह से उन्होंने जिम्मेदारी छोड़ दी।

भले ही राज्य के स्तर पर अन्नामलाई को अभी कोई बड़ी जिम्मेदारी न मिली हो। लेकिन वह भाजपा की केंद्रीय नेतृत्व के पसंदीदा माने जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह तक उनके नेतृत्व कौशल की तारीफ कर चुके हैं। ऐसे में कई संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा अन्नामलाई को राष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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