

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को गंभीर वायरल संक्रमण की शिकायत के कारण सोमवार को मुंबई के एक प्रमुख अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी तबीयत स्थिर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि अन्ना हजारे की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही थी। उन्हें तेज बुखार, कमजोरी, खांसी और शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दिए थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर मानते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू में शिफ्ट कर दिया।
बताया जा रहा है कि अन्ना हजारे को उनके गांव से देखभाल करने वाले लोग एंबुलेंस से मुंबई लाए और अस्पताल में भर्ती कराया। डॉ गौतम भंसाली की देखरेख में आईसीयू में इलाज चल रहा है। डॉक्टर की शुरुआती जांच के अनुसार, तबीयत खराब होने के कारण वायरल संक्रमण के साथ डिहाइड्रेशन है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
बता दें कि अन्ना हजारे पिछले कई दशकों से ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और भ्रष्टाचार के खिलाफ सक्रिय रहे हैं। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के रालेगन सिद्धि गांव को उन्होंने सूखे और पिछड़े गांव से एक आदर्श गांव में बदलने का काम किया। जलसंभर विकास, सामूहिक श्रम और सामाजिक अनुशासन पर आधारित उनका मॉडल देशभर में चर्चा का विषय रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें 2011 में सबसे ज्यादा पहचान मिली, जब उन्होंने 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन का नेतृत्व किया। जन लोकपाल कानून की मांग को लेकर चला यह आंदोलन देश के कई शहरों में फैला और भ्रष्टाचार विरोधी राजनीति की दिशा को प्रभावित करने वाला माना गया। उससे पहले भी वे महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार और सरकारी अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन करते रहे थे।
पिछले महीने ही अन्ना ने भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत का भविष्य युवाओं पर निर्भर है। उनके अनुसार ईमानदारी, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा राष्ट्र निर्माण के लिए सबसे जरूरी गुण हैं। विभिन्न राज्यों के करीब 20 आईपीएस प्रशिक्षु जुलाई के अंत में रालेगन सिद्धि पहुंचे थे। ये अधिकारी हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे थे। उनका उद्देश्य गांव के जलसंभर विकास और ग्रामीण परिवर्तन मॉडल का अध्ययन करना था।
देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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