बीएमडब्लू और विदेश यात्राएं; चोरी करके लैविस लाइफस्टाइल मेंटेन करता था टेकी; पुलिस भी शॉक्ड
आंध्र प्रदेश से एक चौंकाने वाली खबर आई है। यहां पर एक टेकी 60 से ज्यादा लूट में शामिल पाया गया है। इस लूटपाट से वह अपनी लैविस लाइफस्टाइल मेंटेन करता था। इसके लिए उसने विशाखापत्तनम के कई घरों में चोरी की थी।

आंध्र प्रदेश से एक चौंकाने वाली खबर आई है। यहां पर एक टेकी 60 से ज्यादा लूट में शामिल पाया गया है। इस लूटपाट से वह अपनी लैविस लाइफस्टाइल मेंटेन करता था। इसके लिए उसने विशाखापत्तनम के कई घरों में चोरी की थी। पुलिस ने इस व्यक्ति की पहचान आची महेश रेड्डी उर्फ सनी रूप में की है। जब पुलिस इस मामले की तफ्तीश करते हुए घटना की तह तक पहुंची तो हैरान रह गई। महेश रेड्डी जैसा व्हाइट कॉलर जॉब करने शख्स इस तरह की चोरी में शामिल हो सकता है। जांच में यह भी सामने आया कि उसे 15 साल की उम्र से ही चोरी करने की आदत लग गई थी।
लगातार मिल रही थी चोरी की शिकायत
पुलिस को लगातार रात में चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद उसने जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस के सामने सनी का नाम आया। पता चला कि वह हैदराबाद की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी में काम कर चुका है। सनी मूल रूप से काकिंडा का रहने वाला है। वह विजाग के माधवधरा इलाके का रहने वाला था। अच्छी-खासी नौकरी और प्रतिष्ठा के बावजूद वह चोरियां करने लगा। इसके पीछे वजह, उसकी हाई-फाई लाइफस्टाइल थी। सनी बीएमडब्लू कार का मालिक है और कई बार विदेश दौरे कर चुका है। कमाई से उसके महंगे शौक पूरे हो नहीं रहे थे, तो उसने चोरी का रास्ता पकड़ लिया।
बड़े पैमाने पर रिकवरी
सनी की गिरफ्तारी के बाद विजाग पुलिस ने विशाखापत्तनम के 26 घरों में चोरी की वारदात का खुलासा किया है। यह चोरियां शहर के विभिन्न हिस्सों, गुजुवाका, अरिलोवा, मलाकपुरम, पेंडुर्थी और दुव्वडा में हुई हैं। इन घटनाओं में, चोर ने करीब 25 लाख के सोने के गहने और कैश चुराए हैं। इसके अलावा, 1084 ग्राम सोना, 6300 ग्राम चांदी और 40 हजार से ज्यादा कैश भी चोरी किया गया है। सनी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके पास से करीब 700 ग्राम के सोने के गहने, 3.8 किलो चांदी के गहने और चोरी के पैसों से खरीदी गई बीएमडब्लू कार, बिना नंबर प्लेट वाली स्कूटर भी बरामद की।
सुधार गृह जाकर भी नहीं सुधरा
विशाखापत्तनम के पुलिस कमिश्नर शांका ब्रता बागची ने इस केस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सनी को 15 साल की उम्र से ही चोरी की आदत लग गई थी। इसी उम्र में वह पीएम पालेम इलाके में चोरी करते हुए पकड़ा गया और सुधार गृह में भेजा गया था। हालांकि सुधार गृह से बाहर आने के बाद भी उसने यह आदत छोड़ी नहीं। बाद में भी उसे 14 महीने की जेल हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक वह प्रदेश भर में 60 से ज्यादा चोरी की घटनाओं में शामिल रहा। जांच में सामने आया कि सनी ने चोरियां करने के लिए मास्क, टोपी, ग्लव्स और हथौड़ी व पेचकस जैसे टूल्स का इस्तेमाल किया।



