आंध्र प्रदेश ला रहा 'आयु टोकन' सिस्टम, सोशल मीडिया पर बच्चों की एंट्री होगी लिमिटेड, जानें
आंध्र प्रदेश सरकार बच्चों को हानिकारक ऑनलाइन कंटेंट से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की उम्र की पुष्टि के लिए Digi Locker से जुड़े एज टोकन जारी करने की योजना बना रही है।

आंध्र प्रदेश सरकार बच्चों को हानिकारक ऑनलाइन कंटेंट से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की उम्र की पुष्टि के लिए Digi Locker से जुड़े एज टोकन (Age Tokens) जारी करने की योजना बना रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नाबालिग बच्चों को अनुचित और हानिकारक डिजिटल कंटेंट से सुरक्षा प्रदान करना है। यह कदम बच्चों में सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को नियंत्रित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। सरकार का मानना है कि बच्चों और महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को दूर करने के लिए यह आवश्यक है। प्रस्ताव के अनुसार, 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और 13 से 16 वर्ष के किशोरों के लिए इसके उपयोग को सख्ती से नियंत्रित रखने की योजना है।
कराना होगा उम्र सत्यापन!
बता दें कि जनवरी में सरकार ने मेटा, एक्स (X), गूगल और शेयरचैट जैसी प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों के साथ बैठक की थी, जिसमें बच्चों की सुरक्षा के लिए उम्र सत्यापन तंत्र (Age Verification Mechanism) पर चर्चा हुई थी। एचआरडी और आईटी मंत्री एन लोकेश नायडू ने कहा कि हम एक आयु-आधारित डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करने पर विचार कर रहे हैं। Digi Locker से जुड़े सुरक्षित ‘एज टोकन’ का उपयोग करके प्लेटफॉर्म बिना गोपनीयता भंग किए यूजर की उम्र की पुष्टि कर सकेंगे। लोकेश नायडू की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों के समूह (GoM) ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के मॉडल का अध्ययन कर रहा है, ताकि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रभावी प्रतिबंध या नियमन संबंधी कानून बनाया जा सके। इसके लिए GoM लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ विचार-विमर्श कर रहा है।
सोशल मीडिया के नशे में फंस रहे युवा
लोकेश नायडू ने चिंता जताते हुए कहा कि बच्चे तेजी से सोशल मीडिया के नशे में फंस रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और एकाग्रता पर बुरा असर पड़ रहा है। साथ ही महिलाओं को ऑनलाइन दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने अधिकारियों को सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और डेनमार्क जैसी देशों की सर्वोत्तम प्रथाओं का अध्ययन करने का निर्देश दिया है। 13-16 वर्ष के किशोरों के लिए नियंत्रित एक्सेस और 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए पूर्ण प्रतिबंध के साथ-साथ महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन दुर्व्यवहार पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
जिम्मेदार डिजिटल इकोसिस्टम बनाना है
वहीं, गृह मंत्री अनिता वांगलापुड़ी ने कहा कि विधेयक तैयार करते समय डिजिटल एक्सेस, बच्चों की सुरक्षा, रचनात्मकता और मानसिक स्वास्थ्य के बीच उचित संतुलन बनाया जाएगा। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन दुर्व्यवहार पर ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अपनाने की बात कही। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल इकोसिस्टम बनाना है। यह रोडमैप बच्चों को हानिकारक कंटेंट से बचाने, महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सोशल मीडिया में जनता का विश्वास बहाल करने पर केंद्रित है। बता दें कि GoM में लोकेश नायडू के अलावा गृह मंत्री अनिता वांगलापुड़ी, स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव और आईएंडपीआर मंत्री कोलुसु पार्थसारथी शामिल हैं।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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