Hindi NewsIndia NewsAmitabh Kant slams Supreme Court firecracker decision after worst air pollution
जिंदगी दांव पर लगाकर पटाखे जलाने का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर किसने उठाए सवाल

जिंदगी दांव पर लगाकर पटाखे जलाने का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर किसने उठाए सवाल

संक्षेप: दीपावली के बाद दिल्ली में गहराए एयर पॉल्यूशन को लेकर आवाज उठने लगी है। अब पूर्व आईएएस अमिताभ कांत ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की एयर क्वॉलिटी बेहद खराब हाल में है। केवल कड़े ऐक्शन से ही इस पर काबू पाया जा सकता है।

Tue, 21 Oct 2025 04:19 PMDeepak लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

दीपावली के बाद दिल्ली में गहराए एयर पॉल्यूशन को लेकर आवाज उठने लगी है। अब पूर्व आईएएस अमिताभ कांत ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की एयर क्वॉलिटी बेहद खराब हाल में है। केवल कड़े ऐक्शन से ही इस पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर दिल्ली को स्वास्थ्य और पर्यावरणीय आपदा का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी सवाल उठाया। अमिताभ कांत ने कहा कि शीर्ष अदालत ने जिंदगी और सांस के अधिकार पर पटाखे जलाने के अधिकार को प्राथमिकता दी।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

बता दें कि अमिताभ कांत, भारत में 2023 G20 शिखर सम्मेलन के शेरपा रह चुके हैं। इसके अलावा वह केंद्र के थिंक टैंक नीति आयोग के पूर्व सीईओ भी रहे हैं। गौरतलब है कि दीपावली की रात जमकर पटाखे फोड़े गए। इसके बाद अगली सुबह दिल्ली-एनसीआर जहरीली हवा की चपेट में देखा गया। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक दिल्ली में रात एक बजे एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 357 था। यह बेहद खराब आंकड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट ने हटाई थी पाबंदी
इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में पटाखे फोड़ने से पाबंदी हटा दी थी। साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा था कि दिल्ली के लोग ग्रीन पटाखे जला सकते हैं। अदालत ने कहा कि वह मामले में संतुलित नजरिया अपना रही है। कोर्ट ने विरोधाभासी हितों को ध्यान में रखते हुए सीमित अनुमति देने की बात कही थी, साथ ही पर्यावरणीय चिंताओं से समझौता न करने के लिए भी कहा था।

अमिताभ कांत ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता बदहाल है। 36 में से 38 निगरानी स्टेशन रेड जोन में पहुंच चुके हैं। प्रमुख क्षेत्रों में AQI 400 से ऊपर है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने विवेक से जीने और सांस लेने के अधिकार के बजाय पटाखे जलाने के अधिकार को प्राथमिकता दी है। दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी में बनी हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने दो दिनों तक सुबह 6-7 बजे से लेकर रात 8-10 बजे तक पटाखे जलाने की इजाजत दी थी। हालांकि दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में आधी रात के बाद तक पटाखे जलाए जाते रहे।

Deepak

लेखक के बारे में

Deepak
दीपक मिश्र मीडिया इंडस्ट्री में करीब 18 साल का अनुभव रखते हैं। खेल, सिनेमा और राजनीति पर प्रमुखता से काम किया है। खासतौर पर खेल की खबरों से जुनून की हद तक मोहब्बत है। 2011 में वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2014 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप प्रमुखता से कवर कर चुके हैं। फोटोग्राफी और वीडियो स्टोरी के साथ-साथ पॉडकास्ट में विशेष रुचि रखते हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद आज अखबार के साथ पत्रकारिता की शुरुआत। इसके बाद दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट और पत्रिका अखबार में काम किया। लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। यहां पर टी-20 वर्ल्ड कप 2024, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और आईपीएल भी कवर कर चुके हैं। इसके अलावा महाकुंभ 2025 में वीडियो स्टोरीज पर काम किया है। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।