2026 चल रहा, लेकिन विपक्ष ने 2025 लिख दिया, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर अमित शाह

Mar 11, 2026 05:54 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

अमित शाह ने कहा कि पूरी दुनिया को पता है कि 2026 चल रहा है, लेकिन अंदर 2025 लिख दिया। विपक्ष ने सोचा कि इससे स्पीकर रिजेक्ट कर देंगे। संकल्प ही नहीं संलग्न किया गया। जब ध्यान पर लाया गया तो नोटिस वापस लेकर दूसरी नोटिस दी।

2026 चल रहा, लेकिन विपक्ष ने 2025 लिख दिया, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर अमित शाह

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी सांसदों की उस गलती की तरफ इशारा किया, जिसमें अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस दिए जाने के समय साल 2026 की जगह कई जगह 2025 लिख दिया गया था। इसके बाद, उसे दोबारा ठीक करवाने के लिए कहा गया। अमित शाह ने कहा कि पूरी दुनिया को पता है कि 2026 चल रहा है, लेकिन अंदर 2025 लिख दिया। विपक्ष ने सोचा कि इससे स्पीकर रिजेक्ट कर देंगे। संकल्प ही नहीं संलग्न किया गया। इसकी वजह से उन्होंने सोचा कि रिजेक्ट हो जाएगा। जब ध्यान पर लाया गया तो नोटिस वापस लेकर दूसरी नोटिस दी। इसमें सिर्फ गौरव गोगोई के ही असली साइन थे, बाकी सब जेरोक्स थे। यह नियम के हिसाब से रिजेक्ट हो जाता। फोटोकॉपी नहीं चलती है, असली साइन वाली नोटिस देनी होती है। इतनी गंभीरता नहीं है विपक्ष के पास कि नियम के अनुसार लाया जाए।

अमित शाह ने कहा कि ये नियम पढ़ते ही नहीं है। कोई पार्टी के नियम से सदन नहीं चलेगा, इस लोकसभा के नियमों से ही सदन चलेगा। फिर भी स्पीकर के ऑफिस ने विपक्ष को मौका दिया कि इतनी गलतियां हैं, उसे सुधार लो। अब उन्हें शर्म आई और सुधार कर दायर कर दिया। हाई मोरल ग्राउंड यह है कि दो-दो बार नियम अनुसार प्रस्ताव न होने के बाद भी स्पीकर ने नोटिस सुधारने का मौका दिया। गंभीरता की बात करें तो जो चार दशक के बाद जो नियम का इस्तेमाल करके प्रस्ताव आया, वह नियम के हिसाब से ही नहीं था। ये नियम को मानते ही नहीं हैं और फिर कहते हैं कि हमें बोलने नहीं देते हैं। कुछ सदस्यों ने कहा कि माइक बंद हो जाता है। अभी गिरिराज सिंह भी पप्पू जी के खिलाफ बोल रहे थे, तब माइक बंद कर दिया गया था। यह सदन नियमों से चलता है और जो नियमों के हिसाब से नहीं चलेगा, उसका माइक बंद हो जाएगा और बंद हो ही जाना चाहिए।

गृह मंत्री ने आगे कहा, ''नोटिस दिया गया, अंतराल के बाद फिर से सदन शुरू हुआ। 9 मार्च को 14 दिन खत्म हो गए। वह प्रस्ताव विपक्ष का था, हम तो तैयारी करके आए थे। स्पीकर साहब चेयर पर ही नहीं बैठे। वे (विपक्ष) अपने प्रस्ताव के प्रति गंभीर ही नहीं हैं। वे उस पर चर्चा करने की जगह सदन को बिखेर देने का काम किया, इससे ज्यादा शर्मनाक घटना नहीं हो सकती। आप खुद के प्रस्ताव पर चर्चा नहीं करना चाहते और फिर कहते हैं कि हमें बोलने नहीं देते। सबकी सहमति से नौ मार्च की तारीख तय की गई। सबको मालूम है कि बोलने के विषय बिजनेस एडवाइजरी कमेटी तय करती है। 80 फीसदी से ज्यादा भाषण स्पीकर पर नहीं थे, सरकार का विरोध करने पर थे। अरे भले आदमी, सरकार का विरोध करने के लिए ढेर सारे नियम हैं, आप सरकार का विरोध करने के लिए आज लोकतंत्र की गरिमा का प्रतीक स्पीकर पर सवाल उठा रहे। तीनों बार लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया, तब डिप्टी स्पीकर ने इसे संचालित किया। कल कहा कि डिप्टी स्पीकर अप्वाइंट नहीं किया। अविश्वास प्रस्ताव बलराम जाखड़ के पास आए थे, तब डिप्टी स्पीकर थे, लेकिन तब कांग्रेस ने दोनों ही अपने पार्टी के रख दिए थे। आपको स्थान खाली है, यह मुद्दा उठाने का अधिकार नहीं है।''

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

मीडिया में अवॉर्ड्स.
मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।

विशेषज्ञता
देश-विदेश की राजनीति पर गहरी पकड़
यूपी-बिहार समेत सभी राज्यों की खबरों को कवर करने का व्यापक अनुभव
विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, संसद की कार्यवाही को लंबे समय से कवर किया
ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज, एनालिसिस स्टोरीज, एशिया, मिडिल ईस्ट, पश्चिमी देशों की खबरों को कवर करने का एक दशक से ज्यादा का एक्सपीरियंस

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।