तमिलनाडु 59, केरल 30; किसी की भी सीटें न होंगी कम, शाह ने तोड़ा दक्षिण के राज्यों पर 'सियासी भ्रम'

Madan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अमित शाह ने कहा कि लोकसभा में अभी केरल का प्रतिनिधित्व 3.68 प्रतिशत है जो 3.67 प्रतिशत, 30 सीट हो जाएगा। कुल मिलाकर अभी दक्षिणी राज्यों से 129 लोकसभा सदस्य आते हैं और उनका प्रतिनिधित्व 23.76 प्रतिशत है, जो 50 प्रतिशत वृद्धि के बाद 195 सीट और 23.97 प्रतिशत यानी 24 प्रतिशत हो जाएगा।

तमिलनाडु 59, केरल 30; किसी की भी सीटें न होंगी कम, शाह ने तोड़ा दक्षिण के राज्यों पर 'सियासी भ्रम'

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों का संसद में प्रतिनिधित्व कम होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए गुरुवार को कहा कि उनकी हिस्सेदारी कम नहीं होगी, बल्कि बढ़ेगी और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले सभी चुनाव मौजूदा व्यवस्था के तहत ही होंगे। लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पर चर्चा में कुछ विपक्षी सदस्यों की विभिन्न आशंकाओं और आपत्तियों को खारिज करते हुए शाह ने ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि वह विधेयकों पर चर्चा का जवाब शुक्रवार को विस्तार से देंगे, लेकिन कुछ भ्रांतियों को अभी दूर करना चाहते हैं। शाह ने विपक्ष के ‘सियासी भ्रम’ को तोड़ते हुए कहा कि ऐसी धारणा पैदा की जा रही है कि इन तीनों विधेयकों के पारित होने से दक्षिण राज्यों की संख्या लोकसभा में बहुत कम हो जाएगी और उन्हें बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने इसे खारिज करते हुए कहा कि कर्नाटक में अभी 28 लोकसभा सीट हैं जो कुल 543 सीट का 5.15 प्रतिशत हैं, लेकिन ये विधेयक पारित होने के बाद कर्नाटक के सदस्यों की संख्या 42 हो जाएगी जो कुल 816 सीटों का 5.14 प्रतिशत होगी।

शाह ने कहा कि आंध्र प्रदेश में अभी 25 लोकसभा सीट हैं और उसका प्रतिनिधित्व 4.6 प्रतिशत है जो परिसीमन के बाद 38 (4.65 प्रतिशत) हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में मौजूदा सीट की संख्या 17 (3.13 प्रतिशत) है, जो बाद में 26 (3.18 प्रतिशत) हो जाएंगी। शाह ने कहा, ''मैं तमिलनाडु की जनता को आश्वस्त करना चहता हूं कि उनके प्रतिनिधित्व में भी कोई कमी नहीं आएगी और राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा।'' उन्होंने कहा कि अभी राज्य के 39 सदस्य (7.18 प्रतिशत) हैं जो परिसीमन के बाद 59 (7.23 प्रतिशत) हो जाएंगे।

केरल में सीटें बढ़कर हो जाएंगी 30

शाह ने कहा कि लोकसभा में अभी केरल का प्रतिनिधित्व 3.68 प्रतिशत है जो 3.67 प्रतिशत (30 सीट) हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर अभी दक्षिणी राज्यों से 129 लोकसभा सदस्य आते हैं और उनका प्रतिनिधित्व 23.76 प्रतिशत है, जो 50 प्रतिशत वृद्धि के बाद 195 सीट और 23.97 प्रतिशत यानी 24 प्रतिशत हो जाएगा। शाह ने कहा, ''इसलिए प्रतिनिधित्व कम नहीं हो रहा, बढ़ रहा है।'' परिसीमन आयोग में पक्षपात की कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा की आशंकाओं पर शाह ने कहा, ''मैं प्रियंका जी से कहना चाहता हूं कि हमने परिसीमन आयोग अधिनियम में कोई बदलाव नहीं किया है। पूरी तरह आपके कानून को रिपीट किया है।''

'2029 से पहले इसके लागू होने का सवाल नहीं है'

उन्होंने कहा, ''आपने उस समय (कांग्रेस की सरकार में) इस अधिनियम का इस्तेमाल कर अगर हेरफेर की होगी तो मैं इतना कह सकता हूं कि हम नहीं करेंगे। और कुछ नहीं कह सकता।'' तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में फायदे के लिए इन विधेयकों को इस समय लाए जाने के आरोपों पर शाह ने कहा, ''मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट संसद की स्वीकृति और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू होगी। 2029 से पहले इसके लागू होने का सवाल नहीं है। तब तक सारे चुनाव पुरानी व्यवस्था से होंगे।''

'अखिलेश को डरने की जरूरत नहीं, लेकिन वह जीतेंगे नहीं'

उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उन्हें भी डरने की जरूरत नहीं है, ''हालांकि वह जीतेंगे नहीं, यह अलग बात है।'' उन्होंने कहा कि 130 करोड़ की आबादी को प्रभावित करने के आरोप लगाने वाले लोग हमारी शक्तियों का कुछ ज्यादा ही आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ''लोकतंत्र में जनता तय करती है। राजनीतिक दल यह नहीं कर सकते। अगर कर पाते तो हम तो जीतते ही नहीं, क्योंकि आप सत्ता में बैठे थे।''

South Seats

'लोकतंत्र खत्म करने की किसी में ताकत नहीं'

शाह ने कहा, ''इस देश का इतिहास है कि आपातकाल के बाद भी जनमत प्रभावित नहीं होता। जहां तक लोकतंत्र को खत्म करने की बात कही है तो मैं भाजपा कार्यकर्ता और सांसद होने के नाते कहता हूं कि किसी की भी ताकत नहीं है इस देश से लोकतंत्र को खत्म करने की। जिन्होंने आपातकाल में ऐसे प्रयास किये, लोगों ने उन्हें खत्म कर दिया था।'' विधेयक में ये आंकड़े कहां से आए, कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल के इस सवाल पर शाह ने कहा, ''इस बारे में मैं कल अपने जवाब में विस्तार से बता दूंगा, लेकिन वह सुनने के लिए आप बैठना, वाकआउट नहीं करना। इतनी सरलता से सारी बातें समझाऊंगा कि केजी के बच्चे को भी समझ में आ जाएं।'' शाह ने अपना यह दावा भी दोहराया कि अगली जनगणना जातीय जनगणना होगी।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

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लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

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