
वोट चोरी का असली इतिहास कांग्रेस ने लिखा; अमित शाह ने नेहरू और इंदिरा का नाम लेकर खोले धागे
अमित शाह ने आगे कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग की इम्युनिटी पर सवाल उठा रहा है, लेकिन इंदिरा गांधी ने तो अपने लिए इम्युनिटी ले ली थी, उसका क्या? तीसरा उदाहरण दिया कि इंदिरा गांधी ने तीन वरिष्ठ जजों को सुपरसीड करके चौथे नंबर के जज को चीफ जस्टिस बनाया।
गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर झूठ फैलाया गया और जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई। उन्होंने चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान जवाब देते हुए कहा कि संविधान का अनुच्छेद 327 चुनाव आयोग को मतदाता सूची तैयार करने का पूर्ण अधिकार देता है। इस दौरान अमित शाह ने वोट चोरी के आरोपों पर कहा कि पहली वोट चोरी तो यह थी कि प्रधानमंत्री कौन बनेगा, यह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों के वोट से तय हुआ था। 28 प्रदेश अध्यक्षों ने सरदार पटेल को वोट दिया, सिर्फ दो ने पंडित नेहरू को। फिर भी नेहरू जी प्रधानमंत्री बन गए। दूसरी वोट चोरी थी जब इंदिरा गांधी रायबरेली से अनैतिक तरीके से जीतीं। राज नारायण कोर्ट गए, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी की जीत रद्द कर दी। इसे छिपाने के लिए संसद में कानून लाया गया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई मुकदमा ही नहीं चल सकता।
अमित शाह ने आगे कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग की इम्युनिटी पर सवाल उठा रहा है, लेकिन इंदिरा गांधी ने तो अपने लिए इम्युनिटी ले ली थी, उसका क्या? तीसरा उदाहरण दिया कि इंदिरा गांधी ने तीन वरिष्ठ जजों को सुपरसीड करके चौथे नंबर के जज को चीफ जस्टिस बनाया। अमित शाह ने कहा कि एक केस सामने आया है कि सोनिया गांधी भारतीय नागरिक बनने से पहले ही मतदाता बन गई थीं। विपक्ष के हंगामे पर उन्होंने कहा कि केस कोर्ट में चल रहा है, यह तथ्यात्मक बात है। जवाब तो सोनिया गांधी को कोर्ट में देना है। मैंने अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है। केसी वेणुगोपाल ने चुनौती दी कि गृह मंत्री साबित करें। स्पीकर ने भी कहा कि गृह मंत्री ने कोई फैसला नहीं सुनाया, सिर्फ एक आए हुए केस का जिक्र किया है।
इसके बाद अमित शाह ने कहा कि 2014 के बाद हमने 3 लोकसभा सहित 44 बड़े चुनाव जीते, विपक्ष ने भी 30 से अधिक जीते। आप वोट चोरी-वोट चोरी चिल्लाते रहते हैं, भारत जोड़ो-न्याय यात्राएं निकालते रहते हैं। आपकी ही सरकारों के समय आपने कई चुनाव जीते, हमने कभी नहीं कहा। यह सिर्फ चुनाव आयोग की छवि खराब करने की कोशिश है। एसआईआर का मतलब ही मतदाता सूची का शुद्धिकरण है। आप लोग सालों से कहते थे वोटर लिस्ट ठीक करो, अब चुनाव आयोग वही कर रहा है।
अमित शाह ने कहा कि पत्रकार सवाल पूछे तो कहते हैं बीजेपी एजेंट, केस हारे तो जज पर आरोप, चुनाव हारे तो ईवीएम और वोट चोरी का रोना। बिहार में यात्रा निकाली, फिर भी हार गए। हार का असली कारण आपका नेतृत्व है। कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन आपसे हिसाब मांगेंगे। आजादी के बाद पहली बार किसी जज के फैसले से नाराज होकर इम्पीचमेंट लाया जा रहा है, सिर्फ वोट बैंक बचाने के लिए। सबने साइन कर दिया, उद्धव ठाकरे ने भी कर दिया। यह जनता माफ नहीं करेगी।





