
अमित शाह के भाषण के दौरान विपक्ष का वॉकआउट, BJP बोली- डरो मत, भाग जाओ
लोकसभा में अमित शाह के भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया, जिसके बाद भाजपा ने तंज कसा है। सांसद संबित पात्रा ने कहा कि डरो मत, भाग जाओ। शाह ने सदन में कहा कि वे 200 बार बॉयकॉट कर सकते हैं, लेकिन एक भी घुसपैठिए को वोट नहीं देने दिया जाएगा।
लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को चुनाव सुधारों पर चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान, कांग्रेस समेत विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। उनके वॉकआउट के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी पर आरोप लगाए, तब उन्होंने वॉकआउट नहीं किया, बल्कि घुसपैठियों के मुद्दे पर वॉकआउट किया। बीजेपी ने विपक्ष पर तंज कसा है।
बीजेपी प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी की फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि डरो मत, भाग जाओ। इस फोटो में राहुल समेत विपक्षी सांसदों को वॉकआउट करते हुए दिखाया गया है। भाषण के दौरान, अमित शाह ने सदन में कहा, "वे 200 बार बॉयकॉट कर सकते हैं, इस देश में एक भी घुसपैठिए को वोट नहीं देने दिया जाएगा...मैं घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने की बात कर रहा था। मैंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, उनके (राहुल गांधी के) पिता और सोनिया जी पर कई आरोप लगाए; अगर वे उस समय वॉकआउट करते, तो यह लॉजिकल होता, लेकिन उन्होंने घुसपैठियों के मुद्दे पर वॉकआउट किया।"
उन्होंने कहा, "हमारी पॉलिसी है डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट। उनकी पॉलिसी है 'घुसपैठ को नॉर्मल करो, उन्हें पहचान दो, चुनाव के दौरान उन्हें वोट लिस्ट में शामिल करो और इसे फॉर्मल बनाओ।" शाह का भाषण पूरा होने के बाद लोकसभा 11 दिसंबर (गुरुवार) को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले निचले सदन में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच भी संसद में 'वोट चोरी' के आरोपों पर बहस हुई, जिसमें राहुल गांधी ने शाह को 'वोटर चोरी' के उनके दावों से जुड़ी तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस करने की चुनौती दी, जिस पर गृह मंत्री ने जवाब दिया इस तरह से संसद नहीं चलेगी, बल्कि मेरे बोलने का क्रम मैं तय करूंगा।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से सांठगांठ की वजह से देश में कम्युनिस्ट विचाराधारा को जगह मिली और सभी संस्थाओं पर वामपंथी लोग काबिज हुए। लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा का समापन करते हुए शाह ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के हवाले से कहा कि सदन में सवाल उठाए गए कि इस सरकार में देश में महत्वपूर्ण पदों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग क्यों हैं? शाह ने कहा, ‘‘अगर प्रमुख पदों पर आरएसएस के लोग हैं तो क्या परेशानी है। महत्वपूर्ण पदों पर आरएसएस की विचारधारा के लोगों को रखने के खिलाफ कोई कानून है क्या।’’ उन्होंने कहा कि जब इस देश का प्रधानमंत्री, गृह मंत्री आरएसएस की विचारधारा वाले हो सकते हैं तो अन्य पदों पर क्यों नहीं हो सकते।

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
और पढ़ें



