नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद नक्सलवादी बन गए, राहुल गांधी पर अमित शाह का बड़ा हमला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में कांग्रेस और सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर करार प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि नक्सलियों के साथ रहते-रहते एक पार्टी के नेता खुद नक्सलवादी बन गए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में कांग्रेस और सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर करार प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि नक्सलियों के साथ रहते-रहते एक पार्टी के नेता खुद नक्सलवादी बन गए। शाह ने देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त किए जाने के मुद्दे पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए राहुल गांधी पर नक्सलियों का समर्थन करने का आरोप लगाया। गृह मंत्री ने कहाकि राहुल गांधी जी अपने लंबे राजनीतिक करियर में कई बार नक्सलियों और उनके हमर्ददों के साथ देखे गए हैं। भारत जोड़ो यात्रा में कई नक्सल फ्रंटल संगठन ने हिस्सा लिया, जिसका रिकॉर्ड भी है।
राहुल गांधी कैसे बच सकते हैं
अमित शाह ने दावा किया कि 2010 में ओडिशा में लाडो शिकोका के साथ राहुल ने मंच साझा किया। शिकोका ने उसी मंच से भड़काऊ भाषण दिया और उन्हें माला भी पहनाई। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2018 में हैदराबाद में, राहुल ने जीवी राव से मुलाकात की, जो (नक्सल) विचाराधारा के करीब थे। मई 2025 में शांति समन्वय समिति (सीसीपी) के सदस्यों से मुलाकात की। विपक्षी सदस्यों के शोरगुल के बीच शाह ने कहाकि 172 जवानों को मारने वाला (माड़वी) हिडमा जब मारा गया, तो इंडिया गेट पर नारे लगे कि कितने हिडमा मारेगो, हर घर से हिडमा निकलेगा। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित वीडियो को राहुल गांधी ने स्वयं ट्वीट किया था और ऐसे में वह कैसे बच सकते हैं।
कांग्रेस की वामपंथी विचारधारा दोषी
शाह ने कांगेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्होंने 1970 से लेकर मार्च 2026 तक नक्सलाद और नरसंहार का समर्थन किया है। उन्होंने कहाकि जो 20 हजार लोग मारे गए, उसका कोई दोषी है तो वह कांग्रेस की वामपंथी विचारधारा है...। गृह मंत्री ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहाकि नक्सलियों के साथ रहते-रहते एक पार्टी और उसके नेता खुद नक्सलवादी बन गए। इसका जवाब इस देश की जनता को उन्हें चुनाव में देना पड़ेगा। यह बात रुकेगी नहीं। जनता की अदालत में उन्हें जवाब देना पड़ेगा। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के दौरान राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) का गठन किया गया और इस तरह एक संविधानेत्तर मंच बनाया गया, जिसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी थीं।
जयराम रमेश पर भी आरोप
शाह ने यह दावा भी किया कि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने महेश राउत नाम के एक नक्सली की रिहाई के लिए अपनी पार्टी शासित एक राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र सरकार का एक संविधानेत्तर प्राधिकरण, जो प्रधानमंत्री से भी ऊपर था, के सदस्य यदि नक्सलवाद के समर्थक हों तो किस तरह से नक्सलियों का हौसला टूटेगा? और यह कांग्रेस पार्टी ने किया था। उन्होंने यह दावा भी किया कि 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जब प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास फेलोशिप शुरू की, तो उसका एक लाभार्थी नक्सलवादी बना।
शाह ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम पर भी प्रहार करते हुए दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ के 76 जवानों के मारे जाने के बाद कांग्रेस नेता ने कहा था कि हम आपसे हथियार डालने को नहीं कह सकते। हम जानते हैं कि आप ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि आप हथियारबंद आजादी की लड़ाई में विश्वास करते हैं।
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Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।


